पहाड़ में दीपावली पर्व के साथ साथ देउसी भैलो और भाई टीका का त्योहार हर्षोल्लास के साथ पालन किया गया। कोरोना के चलते इस पर्व में कुछ कमी तो जरूर दिखी, पर जो भी परिवारों ने मनाया, पूरे जोश और उमंग से साथ मनाया। बहने जहां भाइयों को लम्बी उम्र, सुस्वास्थ्य और शांति के लिए कामना करते हुए तिलक निकालकर मीठे मीठे पकवान परोसने के साथ साथ भाइयों को उपहार प्रदान कर रही थी, तो भाइयो ने भी अपनी बहनों को उपहार, मिठाई और कुछ नगद प्रदान करते हुए दिखे। 

इस दिन सभी बहन अपने भाई के माथे पर रोली और अक्षत से टीका लगा कर उनकी लंबी आयु की कामना करती हैं। कहा जाता है कि जो भी भाई बहन इस दिन यमुना में स्नान करते है, उन्हें यमराज खुद लंबी आयु का आशीर्वाद देते हैं। मान्यता है कि जो भाई आज के दिन बहन से तिलक करवाता है उसे कभी अकाल मृत्यु का भय नहीं सताता। इस दिन को यम द्वितिया के नाम से भी जाना जाता है। वैसे तो देश भर की पवित्र नदियों में इस दिन भाई बहन स्नान के लिए पहुंचते हैं।

लेकिन मथुरा वृन्दावन में यमुना स्नान का विशेष महत्व बताया जाता है. इस दिन भारी संख्या में लोग मथुरा पहुंचते है और अपने भाई-बहन बहन की लंबी उम्र के लिए देवी यमुना से प्रार्थना करते हैं। मान्यता है कि जो भाई बहन इस दिन यमुना में स्नान करते हैं उनकी सभी मनोकामनाएं स्वयं यमदेव पूरी करते हैं। सिक्किम सहित अन्य जगहों में यह पर्व मनाया गया।