सिक्किम हमारे देश का एक खूबसूरत राज्य है। हिमालय की गोद में बसे इस राज्य के प्राकतिक नजारे दूसरी जगहों से अलग और जुदा नजर आते है। सिक्किम की खूबसूरती को चार हिस्सों/डिस्ट्रिक्ट में देखा और समझा जा सकता है। पहला ईस्ट सिक्किम, दूसरा वेस्ट सिक्किम, तीसरा नार्थ सिक्किम और चौथा साउथ सिक्किम। ईस्ट सिक्किम में टूरिस्ट अट्रैक्शन हैं गंगटोक और नामची। ईस्ट सिक्किम सामरिक द्रष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है। गंगटोक के पास से थोड़ा ऊपर जाने पर चाइना का बॉर्डर है जिसे नाथूला पास कहा जाता है। प्राचीन सिल्क रूट भी यही से निकलता था। ऐसे में आइए अब तस्वीरों के जरिए आपको एक्सप्लोर कराते हैं सिक्किम की खासियत और उस खूबसूरती से जिसके बारे में आज भी कम लोग जानते हैं।

सिक्किम में हुआ मौसम का पहला हिमपात, शीत लहर की चपेट में कई क्षेत्र

गंगटोक से 102 किलोमीटर दूर चीन सीमा के पास जुलुक गांव है। यहां तक पहुंचने के लिए 14 किलोमीटर लंबे घुमावदार, खतरनाक पर बेहद खूबसूरत रास्ते से गुजरना पड़ता है। इसमें 32 मोड़ है। भले ही ये रास्ता बेहद खतरनाक हो लेकिन इस रास्ते को देखने और ड्राइविंग करने के लिए देश-दुनिया के सैलानी यहां खिचे चले आते हैं। कहा जाता है कि इस सिल्क रूट को भारत और चीन के बीच व्यापार करने के लिए बनाया गया था। इसी रास्ते से भारत और चीन के बीच सिल्क का पूरा ट्रेड होता था। इस कारण इसका नाम सिल्क रोड रखा गया था। इस रोड के बारे में कहा जाता है कि ये 10 जनवरी को बंद हो जाता है फिर मार्च के पहले हफ्ते में खुलता है। कहा जाता है कि सुबह 9 बजे के बाद यहां इतने बादल आ जाते हैं कि कुछ भी नहीं दिखता है। दिसंबर और जनवरी में तो यहां 20-24 घंटे घने बादल छाए रहते हैं।

सिल्क रूट के अलावा भी सिक्किम में घूमने और देखने के लिए बहुत कुछ है। एडवेंचर स्पोर्ट्स में ट्रैकिंग और पैराग्लाइडिंग के शौकीनों के लिए भी सिक्किम किसी जन्नत से कम नहीं है। सिक्किम लोअर हिमालय में होने कारण इकोलॉजिकल सिस्टम के हॉट स्पॉट के रूप में भी जाना जाता है। इस वजह से यहां भांति-भांति के फूल और वनस्पति पाई जाती है। सिल्क रूट की इस तस्वीर को देखिए और इसके बारे में उन चीजों को भी जानिए जिनके बारे में लोगों को बहुत कम जानकारी है। दरअसल सिल्क रूट वाले इस रास्ते में कई साइट सीन पॉइंट हैं। इसमें भूल-भुलैया पॉइंट, टाइटेनिक पॉइंट, जिगजेक पॉइंट और थाम्बी पॉइंट बहुत पॉपुलर हैं।

सर्दियों में सिक्किम घूमने का है अपना ही मजा, खूबसूरत नजारे देखकर हो जाएगा प्यार

नाथुला से जुलूक के रास्ते में बाबा हरभजन सिंह का मंदिर है। इस इलाके में पहुंचते ही आपके मोबाइल की घड़ी में एकदम से समय 2 घंटे आगे बढ़ जाता है, क्योंकि मोबाइल चीन का समय कैप्चर कर लेता है। बाबा हर भजन मंदिर गंगटोक से 191 किलोमीटर दूर नाथांग वैली में छांगु लेक से ऊपर है। जिनके बारे में मान्यता है कि बाबा हरभजन सच्चे सिपाही थे। एक दिन उनकी गाड़ी गहरे पानी में गिर गई और इस दुर्घटना में बाबा जी की अकाल मृत्यु हो गई। लेकिन आज भी बाबा जी की आत्मा यहां ड्यूटी करती है और बॉर्डर पर जवानों की रक्षा करती है। आज भी उनकी समाधि के बराबर में बाबाजी का कमरा है, जहाँ रोज बाबाजी की यूनिफार्म प्रेस करके रखी जाती है।

अगर आप इंडो चाइना बॉर्डर और नाथुला पास देखना चाहते हैं तो इसके लिए पहले से परमिशन लेनी होती है। इसके लिए अपनी ID और पासपोर्ट साइज फोटॉग्राफ लेकर जाएं और एक दिन पहले परमिट के लिए आवेदन करें। हिमालय की गोद में स्थित इसके खूबसूरत नजारों के कारण इसके बारे में कहा जाता है कि ऊपरवाले ने सिक्कम को दोनों हाथों से भर-भर के नवाजा है। सिक्किम में एक से एक जबरदस्त मॉनेस्ट्री हैं। इन मॉनेस्ट्रियों को जीवंतता प्रदान करती हैं थानका पेंटिंग। वहीं महात्मा गांधी रोड सिक्किम एक तरह से मॉल रोड जैसा है। यहां कई बड़े शोरूम और रेस्तरां हैं। गंगटोक आने वाले लोग यहां शाम को शिमला की तरह चहलकदमी करना पसंद करते हैं। अगर आप महात्मा गांधी रोड के थोड़ा आगे जाएंगे तो आपको लाल मार्केट दिखेगा जोकि यहां का लोकल मार्केट है जहाँ से आप काफी सस्ते दामों पर शॉपिंग कर सकते हैं।