यास तूफान का असर सिलीगुड़ी समेत आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों में भी दिखा। दो दिनों से यहां रुक-रुक कर तो कभी धीमी तो कभी तेज बारिश हो रही है। लेकिन शुक्रवार को सिलीगुड़ी तथा आसपास के इलाके में दिनभर झमाझम बारिश हुई। इससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही पड़ोसी राज्य सिक्किम, कालिंपोंग, दार्जलिंग के विभिन्न प्रखंडों में जगह-जगह भूस्खलन होने की भी खबर है। मिली जानकारी के अनुसार सिक्किम के रानीपुल, पाकयंग, नामची के साथ दार्जलिंग के पशुपति, मिरिक, कर्सयाग, हाथीसुड़, गाड़ीधूरा में भूस्खलन के साथ ही पेड़ गिरने की घटनाएं हुई है। 

बारिश और तेज हवा के कारण कई जगह पेड़ सड़कों पर आ गिरे हैं। जिसे पुलिस और बचाव दल की तरफ से काटकर हटाया जा रहा है। गनीमत यह रही कि कोविड-19 महामारी के कारण सिक्किम तथा बंगाल के क्षेत्र में पूरी तरह लाकडाउन लगा हुआ है। वाहनों के आने-जाने पर प्रतिबंध है। इसके कारण भूस्खलन के बाद भी कोई बड़ी घटना सामने नहीं आई है। दूसरी ओर लगातार बारिश और जलजमाव के कारण सिलीगुड़ी और आसपास के लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल रहा है। लोग घरों में ही दुबके हुए हैं। मवेशियों समेत पशुपालकों को भी भारी परेशानी हुई। 

बिजली आपूर्ति पर भी असर हुआ। शुक्रवार को औसतन 32 से 68 मिलीमीटर बारिश होने की संभावना जताई गई है। लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। दिन-रात बारिश के कारण सड़क सहित खेत-खलिहान में पानी जमा हो गया है। ग्रामीण इलाके की सड़कों पर भी जलजमाव हो गया है। शुक्रवार को सुबह से शाम तक लगातार बारिश के कारण लोगों को घरों में ही रहना पड़ा। कामकाजी लोगों के साथ-साथ आमलोगों को भी काफी परेशानी हुई। दिनभर कभी हल्की तो कभी तेज बारिश के कारण शहरी क्षेत्र के सभी नाला लबालब हो गए हैं। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने से कुछ जगहों पर नाला का पानी सड़कों पर बहने लगा है। निचले इलाके में कहीं-कहीं लोगों के घरों में भी पानी घुस गया। 

लगातार बारिश होने से बिजली की आपूर्ति सुचारु ढंग से चालू रहे इसके लिए विभाग लगातार तत्पर है। कई जगह पेड़ की डाली, पेड़ के पत्तों का बिजली के तार के संपर्क में आने से समस्या हो रही थी जिसे पहले ही हटा दिया गया। विद्युत विभाग के क्षेत्रीय प्रबंधक अजय सरकार ने बताया की कहीं भी पेड़ की डाली टूटने से बिजली का तार टूटता है तो इसकी जानकारी अविलंब विभाग को दें। समय पर जानकारी मिलने जान माल के नुकसान को रोकने में सफलता मिलेगी।

लगातार बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। मई महीने में ही बारिश ने ठंड का अहसास करा दिया। लोग रेनकोट , छाता लेकर घर से बाहर निकले।

कोरोना के कारण जारी लाकडाउन के बीच पुलिस और यातायात पुलिस संयुक्त रूप से लाकडाउन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। बारिश के कारण पुलिस कर्मियों को नाका चेकिंग में छाता और बरसाती लगाकर निरंतर काम करने में परेशानी आ रही है। नाका चेकिंग कर रहे पुलिस कर्मियों का कहना है कि यह उनका रोज का काम है। लोग पुलिस की परेशानी समझने लगें उसी में उनकी जीत है। पुलिस की जो भी कार्रवाई हो रही है लोगों के कोविड-19 महामारी संक्रमण से बचाने के लिए। आम लोगों को लाकडाउन के नियमों का पालन करना चाहिए।