सिक्किम भारत का वो खूबसूरत राज्य है जहां जाना हर कोई पसंद करता है। यहां आप अनेक भाषाओं में बात कर सकते हैं। क्योंकि यह छोटा सा राज्य अपने आप में अनोखा होने के साथ ही सांस्कृतिक रूप से समृद्ध है। आप भारत के किसी भी राज्य से Sikkim Travel के लिए जाएं आपको भाषाई संबंधी हर तरह का सपोर्ट मिलेगा।

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वैसे तो सिक्किम राज्य की आधिकारिक भाषाओं अंग्रेजी, नेपाली, सिक्किमी (भूटिया) और लेप्चा को शामिल किया गया है। लेकिन यहां राज्य में संस्कृति और परंपरा के संरक्षण के उद्देश्य से अतिरिक्त आधिकारिक भाषाओं में गुरुंग, लिम्बु, मगर, मुखिया, नेवार, राय, शेरपा और तमांग भी बोली जाती है। ऐसे में यदि आप सिक्किम जाएं तो इन सारी भाषाओं में से किसी में कम्यूनिकेट कर सकते हैं।

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आपको बता दें कि सिक्किम की ज्यादातर बोली जाने वाली भाषा यानि Most Popular Language of Sikkim नेपाली है। वहीं, कुछ क्षेत्रों में सिक्किमी (भूटिया) और लेप्चा बोली जाती है। सिक्किम के ज्यादातर हिस्सों में अंग्रेजी भी बोली और समझी जाती है। यहां की अन्य भाषाओं में ज़ोंगखा, ग्रोमा, हिंदी, मांझी, मझवार, थुलुंग, तिब्बती और याखा भी शामिल हैं।

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अब सिक्किम के त्योंहारों के बारे में की जाए तो इस राज्य में नेपालियों, भूटिया और लेप्चा हिंदू, बौद्ध और स्थानीय त्योहारों के विभिन्न जातीय सांस्कृतिक त्यौहार मनाए जाते हैं। इनमें दशैन, तिहार, लोसार, सागा दावा, साकेवा, तेंडोंग ल्हो रुम्फत, लोसूंग / नामसूंग, इंद्र जात्रा, सोनम ल्होसर, तमु ल्होसर, चासोक तांगनाम, माघे संक्रांति, बुद्ध जयंती, राम नवमी, पांग-लहबसोल, लहबाब ड्यूचेन, तेयोंगसी श्रीजंगा सावन तोंगनाम, बाराहिमिज़ोंग, काग्यद नृत्य, गुरु रिम्पोचे का थुंकर त्शेचु, भानु जयंती आदि शामिल हैं।


एक या अधिक लोग, लोग खड़े हैं और बाहर की फ़ोटो हो सकती है

ये त्योंहार यानि Sikkim Festivels अलग—अलग मौसम में आते हैं। ऐसे में आप किसी भी मौसम में सिक्किम जाएं तो कोई न कोई त्योंहार जरूर पड़ेगा जिसका मजा आप ले सकते हैं।