गंगटोक। सिक्किम नागरिक समाज (सिनास) ने पत्रकार सम्मेलन आयोजित कर आगामी सिक्किम विधानसभा (Sikkim Assembly) सत्र में 'इनर लाइन पर्मिट' (ILP) के लिए प्रस्ताव पारित करने की मांग की है। सिनास का कहना है कि राज्य सरकार विधानसभा सत्र में आईएलपी प्रस्ताव पारित कर केंद्र में भेजें ताकि राज्य के साथ देश भी सुरक्षित रहे।

सिनास के अध्यक्ष भरत बस्नेत ने कहा कि सिक्किम अंतर्राष्ट्रीय सीमावर्ती राज्य (Sikkim International Border State) है। इसकी संवेदनशीलता पर राज्य सरकार गंभीर नहीं है। राज्य में लगातार बड़ते अप्रवासी अनुप्रवेश देख के लिए संकटकालीन स्थिति स्त्रजित कर सकता है। इस संवेदनशील और जब देश में नागरिकता संशोधन विदेयक पारित किया गया उस समय केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Union Home Minister Amit Shah) के द्वारा दिए गए आश्वासन के आधार पर भी सिक्किम सरकार (sikkim government) को इनर लाइन परमिट का प्रस्ताव विधानसभा में लाना चाहिए।

राजधानी गंगटोक (capital Gangtok) के पुलिस मुख्यालय समीप स्थित वेस्ट प्वाइंट टैक्सी स्टेंड में निर्माणाधीन 14 मंजिल के शापिंग कंाप्लेक्स का निर्माण कार्य पर जल्द रोक लगाने की माग की है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में निर्माणाधीन परियोजना के शुरूआती समय से ही सिनास विरोध जताता आया है। निर्माण परियोजना रोकने के लिए जब राज्य सरकार ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई तो सिक्कमे नागरिक समाज ने इसे केंद्र सरकार समक्ष पहुंचाया था। अध्यक्ष बस्नेत ने कहा कि सिनास की अर्जी के आधार पर केंद्रीय शहरी मामला मंत्रालय ने राज्य शहरी विकास विभाग को पत्राचार कर इस मुद्दे की रिपोर्ट की माग की है। 

उन्होंने आरोप लगाया है कि उक्त परियोजना के संबंध में कोई जन सुनवाई नहीं किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा परियोजना सिक्किम और सिक्कमी जनता के हित में नहीं है। यह पूर्ण रूप से निर्माण कंपनि के हित में है और सरकार पक्ष की सभी औपचारिकता को सरकार ने नजरअंदाज किया है। नजरअंदाज करते हुए लागू किए परियोजनाओं को जनता की हित को ध्यान में रखकर तत्काल बंद करने की माग की गई है। उन्होंने बताया है कि अगर इस परियोजना को बंद नहीं किया गया तो सिक्किमे नागरिक समाज अन्य कदम चालने में बाद्य होगा उन्होंने कहा। अध्यक्ष बस्नेत ने जनता से परियोजना विरुद्ध आवाज उठाने की अपील की। उन्होंन राज्य के पूर्व मुख्यंत्री तथा नामची सिंगिथाग के विधायक पवन चामलिंग को भी सिक्किम विधानसभा सत्र में भाग लेने की अपील की।