राज्य की सबसे बढ़ी शैक्षिक संस्थान सिक्किम केंद्रीय विश्वविद्यालय से फिर यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। इसबार अंग्रेजी विभाग के सहायक प्राध्यापक द्वारा एक पीएचडी स्कालर विद्यार्थी के साथ यौन उत्पीड़न करने का आरोप है। केंद्रीय विश्वविद्यालय में यौन दुराचार का यह तीसरा मामला है। इससे पूर्व दो प्राध्यापकों पर भी आरोप लगे थे, जिनके विरूद्ध विरुद्ध कार्रवाई की जा चुकी है। हाल ही में जो यौन उत्पीड़न के मामले आए हैं उक्त मामले विश्वविद्यालय की आतरिक जाच समिति में विचाराधीन है। इसकी पुष्टि विश्वविद्यालय के उपकुलपति अविनास खरे ने की है।

यौन दुराचार की घटना संज्ञान में आने के बाद विश्वविद्यालय पहुंचे पत्रकार से बोलते हुए उपकुलपति खरे ने कहा है कि सिक्किम विश्वविद्यालय के लिए यह अति लज्जास्पद घटना है। वर्ष 2018 से अब तक ऐसेतीन मामले आ चुके हैं। विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के सहायक प्राध्यापक राम भवन यादव ने एक पीएचडी स्कालर के साथ यौन दुराचार करने का आरोप है जो आतरिक जाच समिति के अधिन में है। अभी आतरिक जाच समिति इसकी छानबीन कर रही है। उन्होंने कहा कि जब आतरिक जाच विभाग अपनी रिपोर्ट उपकुलपति के कार्यालय में पेश करेगी उसी रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने आगे कहा कि सिक्किम विश्वविद्यालय में ऐसी घटना पहली नहीं है। इससे पूर्व भी ऐसे दो घटनाएं घटी हैं। उन्होंने कहा कि प्रथम मामले में हमने एक प्राध्यापक को बर्खास्त किया था और दूसरे मामले में प्राध्यापक की वेतन में कटौती की थी। उन्होंने कहा कि इस बार भी प्राध्यापक को दोषी पाया गया तो दोषी के विरुद्ध उचित कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सिक्किम केंद्रीय विश्वविद्यालय जैसी एक गरिमामय शैक्षिक संस्थान से बार-बार यौन उत्पीडन के मामले आ रहे हैं, जो चिंता का विषय है। खरे ने कहा कि विश्वविद्यालय के सभी प्राध्यापकों को उपकुलपति कार्यालय से मेल भेजा गया है। उनकी जानकारी के अनुसार मेल में लिखा गया है, विश्वविद्यालय में ऐसी घटना फिर दुबारा ना हों। उन्होंने आगे कहा इस विषय में अब सचेतना कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाएगा। हम विश्वविद्यालय की गरिमा को लेकर चिंतित है, भविष्य में ऐसी घटनाएं ना घटें इसका विशेष ध्यान रखा जाएगा।