पूर्वोत्तर भारत के छोटे से मगर बेहद खूबसूरत राज्य सिक्किम में घरों में त्योहारों के मौके पर Sel Roti यानि सेल रोटी बनाई जाती है। बोलने में तो यह रोटी है लेकिन असल में यह एक मिठाई है जो जलेबी की तरह होती है। इसको चावल के आटे और प्राकृतिक स्वाद देने वाली चीजों को मिलाकर बनाया जाता है।

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सेल रोटी भारत के कुमाऊं क्षेत्र और नेपाल में एक पारंपरिक घरेलू अंगूठी के आकार की मीठी चावल की रोटी है। इसें ज्यादातर दशैन और तिहार के दौरान बनाया जाता है। सिक्किम समेत दार्जिलिंग क्षेत्रों में व्यापक रूप से मनाए जाने वाले हिंदू त्यौहारों के दौरान सेल रोटी बनाई जाती है। इसको कुमाऊं में सिंघल के नाम से जाना जाता है।


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सेल रोटी को अर्ध-तरल चावल के आटे का आटा, दूध, पानी, तेल, चीनी, घी, मक्खन, इलायची, लौंग, केले और पसंद के अन्य स्वादों वाली चीजों को मिलाकर तैयार किया जाता है। अर्ध-तरल आटा तैयार होने के बाद, इसे उबलते तेल या घी में डीप फ्राई किया जाता है।

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आपको बता दें कि जलेबी की तरह सेल रोटी को एकसाथ पकाया जाता है और इसे कमरे के तापमान पर कम से कम 20 दिनों तक संग्रहीत किया जा सकता है। सेल रोटी अक्सर घर से दूर रहने वाले परिवार के सदस्यों को विशेष उपहार के रूप में भेजी जाती है। इसको पूजा में प्रसाद के रूप में भी उपयोग किया जाता है।