पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 2 राज्यों में रोपवे की शुरूआत की जाएगी। इसका काम उड़ीसा और राजस्थान किया जा रहा है। दामोदर रोपवे एंड इंफ्रा लिमिटेड (ड्रिल) 2022 के अंत तक बूट (बिल्ड, ऑन, ऑपरेट और ट्रांसफर) योजना के तहत दो रोपवे प्रोजेक्टों को पूरा करने के लिए लगभग 50 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। जिसमें सबसे पहले ओडिशा में ड्रिल का रोपवे नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क, खोरधा में होगा। नंदनकानन भारत के सबसे बड़े चिड़ियाघरों में से एक है, जो व्हाइट टाइगर और मेलेनिस्टिक बाघों की प्रजाति वाला विश्व का पहला चिड़ियाघर है और विश्व में भारतीय पैंगोलिन का एकमात्र संरक्षण प्रजाति का केंद्र है। चिड़ियाघर को सेंट्रल जू अथॉरिटी (सीजेडए) द्वारा बाघों, भारतीय पैंगोलिनों और लंबे-लंबे गिद्धों की प्रजाति संरक्षण की मान्यता दी गई है।

ड्रिल का रोपवे भुवनेश्वर के नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क के भीतर शुरू होगा और बोटैनिकल गार्डन, भुवनेश्वर में समाप्त होगा। और प्रस्तावित प्रोजेक्ट भुवनेश्वर के उत्तरी बाहरी इलाके में एक प्राकृतिक झील कंजिया झील को भी पार करेगा। पर्यटक झील पर मनोरंजक नौका विहार का आनंद ले सकते हैं, जो नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क का हिस्सा है। यहां रोपवे की कुल लंबाई 400 पीपीएच क्षमता के साथ 628 मीटर होगी। वहीं प्रत्येक केबिन में चार लोगों की क्षमता वाले प्रोजेक्ट में 12 केबिन होंगे।

 

इसके अलावा प्रोजेक्ट उदयपुर (राजस्थान) में है, जो एससीईआरटी हॉस्टल, फतेहसागर झील के पास से शुरू होगा और हिल टॉप में नीमच माता मंदिर पर समाप्त होगा। फतेहसागर झील एक शानदार स्थान पर स्थित है जो दुनिया के तीन विशिष्ट पहाड़ियाँ, पानी और फ्लोरा का अनुभव प्रदान करता है। यह भारत की दूसरी सबसे बड़ी कृत्रिम झील है।  नीमच माता मंदिर, जो कि फतेह सागर झील के तट पर एक पहाड़ी पर स्थित है, वहां चढ़ने के लिए सीढ़ियाँ और 900 मीटर लंबा एक ढलान वाला पैदल रास्ता है। मंदिर से, पूरे शहर और इसकी झीलों के शानदार दृश्य का आनंद ले सकते हैं। रोपवे प्रोजेक्ट की कुल लंबाई 430 मीटर होगी;  इसमें प्रत्येक केबिन में छह लोगों की क्षमता वाले 12 केबिन होंगे।

कंपनी द्वारा रोपवे प्रोजक्टो को वर्तमान में असम, जम्मू, सिक्किम, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में स्थापित की जा चूका हैं। ड्रिल यात्री रोपवे, मटेरियल रोपवे, स्की लिफ्ट, बल्क मैटेरियल हैंडलिंग सुविधाओं और रियल एस्टेट उपक्रमों के निर्माण में माहिर है। कंपनी बिहार सरकार के लिए ईपीसी (इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण) मॉडल के तहत अनुबंध के आधार पर जहानाबाद जिले में वनबार हिल में एक रोपवे का निर्माण कर रही है।