रंगपो प्रवेश द्वार में रैपिड एंटिजेन टेस्ट के बाद कोविड-19 पॉजिटिव आने से संक्रमितों को सीधे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया जाएगा।

इस चिकित्सा सेवा रैपिड एंटिजिन टेस्टिंग स्क्रीनिंग सेंटर का मुख्यमंत्री पीएस गोले ने उद्घाटन किया। अन्य सूबे से सिक्किम लौटने वालों को क्वारंटीन में रखा जाता था। जिसके बाद सातों दिनों में आरटीपीसीआर व ट्रुनैट नमुना जाच हो जाता था। जहा पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर ही आइसोलेशन वार्ड में भर्ती की जाती थी। उन्होंने उक्त सेंटर के कारण कोविड-19 के संक्रमण रोकने के लिए एक सशक्त आधार राज्य में प्राप्त होने के बारे में विचार व्यक्त किए।

उन्होंने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसॉर्च (आईसीएमआर) की ओर से यह चिकित्सा सेवा प्राप्त करने की जानकारी दी। जहा रैपिड एंटिजिन टेस्ट आधे घटे में नामुना जाच का परिणाम आने तथा संक्रमितों को सीधे अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती किया जाएगा। जिसके कारण सिक्किम जैसे संक्रमण मुक्त राज्य में यह अति सुरक्षित उपाय बताया।

हालाकि उन्होंने इस तरह के सुविधा उपलब्ध कराने वाले भारत में सिक्किम प्रथम राज्य होने का दावा भी किया। उक्त कार्यक्रम में राज्य के स्वास्थ्य सचिव डा. पीटी भूटिया ने इस जाच के बाद परिणाम के लिए भी यहा इंतजार करना होता है। 

इस क्रम में सिक्किम लौटने वाले सेना, ग्रेफ व अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों का रंगपो में नमुना जाच होगा। आधे घटे में जाच के बाद परिणाम पॉजिटिव आने पर सिक्किम प्रवेश होने नहीं देंगे। सिलीगुड़ी में ही सेना व अर्धसैनिक बलों को अपने-अपने आइसोलेशन वार्ड में उपचार के लिए रखना होगा। 

उक्त अवसर पर स्थानीय विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष एलबी दास, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. एमके शर्मा, परिवहन मंत्री संजीत खरेल, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव जैकब खालिंग, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव के श्रीनिवासलु समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।