विपक्षी दल सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट पार्टी ने सिक्किम में

राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है। पार्टी प्रवक्ता एमके सुब्बा ने

पत्रकारों को बताया कि वर्तमान राज्य सरकार कई मायनों में पूरी तरह से विफल

साबित हो रही है। क्योंकि राज्य की आवश्यक व्यवस्था पूरी तरह धराशाई हो गई

है।


हालांकि राज्य सरकार ने

समीक्षा करने के लिए तथा आगे की रणनीति तय करने के लिए इकोनोमिक रिवाइवल

कमेटी का गठन किया है। लेकिन इस वक्त रिवाइवल नहीं सरवाइवल की आवश्यकता है।


दैनिक ज्यादा व श्रम

करने वाले लोगों की आबादी राज्य में अधिक है। जिसमें चालकों, कृषकों,

होटलों आदि में काम करने वाले लोग शामिल हैं। इन्हें राहत के तौर पर आíथक

मदद की आवश्यकता है। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 लाख करोड़

रुपये की आत्मा निर्भर भारत का ऐलान कर चुके है। इससे सिक्किम को भी लाभ

दिला सकते है।


लेकिन

राज्य सरकार पूरी तरह से मौन है। इसी तरह मेरी पार्टी के प्रवक्ता जीबी

दरनाल पर जानलेवा हमले हुआ है। इससें सत्तासीन दल सिक्किम क्रातिकारी

मोर्चा का सीधा हाथ है। साथ ही विपक्षी के मन में डर पैदा करने का यह

षड़यंत्र है। क्योंकि एसकेएम सत्ता में आते ही इस तरह के हमले, धमकी और

कानूनी कार्रवाई की कई घटनाएं जुड़ी हुई है। इसी तरह कोरोना नियंत्रण के लिए

भी राज्य सरकार पूरी तरह से विफल है। इस वजह से पार्टी ने भारतीय संविधान

के धारा 356 अंतर्गत राष्ट्रपति शासन लगाने की माग करता है।

शीघ्र

ही पार्टी अध्यक्ष पवन चामलिंग राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन पत्र

सौंपेंगे। उन्होंने सिक्किम को प्राप्त विशेष संवैधानिक अधिकार के धारा 371

(एफ) के उपधारा जी के प्रयोग कर राज्यपाल को सीधी तरह भी राष्ट्रपति शासन

लगाने की माग की है।