सिक्किम में प्रवेश लेने वाले सेना, इंडो-तिब्बत बार्डर पुलिस (आईटीपीबी), सीमा सशस्त्र बल (एसएसबी) व ग्रेफ (सीमा सड़क संगठन) के जवानों व अधिकारियों के सिक्किम प्रवेश पर निगरानी रखी जाएगी। पूरी जाच के बाद ही सिक्किम प्रवेश के अनुमति देंगे।

यह बातें राज्य के मुख्यमंत्री पीएस गोले ने कही है। शहर के डेवलपमेंट एरिया जीवन थिंग मार्ग स्थित मनन केंद्र में सत्तासीन दल सिक्किम क्रातिकारी मोर्चा के विद्यार्थी मोर्चा की ओर से आयोजित विद्यार्थी अधिकार दिवस के अवसर पर उन्होंने कहा कि सिक्किम पूरी तरह चीन समेत नेपाल व भूटान से घिरा सीमावर्ती राज्य है। यहां सेना समेत अर्ध सैनिक बलों के तैनाती के साथ सीमा सड़कों के निर्माण को अति उच्च प्राथमिकता दी जाती है। 

लेकिन लॉकडाउन में ढील के साथ अन्य राज्यों सिक्किम वापसी के क्रम में जवानों व ग्रेफ के जवानों का सिक्किम प्रवेश आरंभ हुआ। उन्होंने लापरवाही की। क्योंकि उनके सिक्किम में अपने क्वारंटीन में उचित व्यवस्था तथा निगरानी नहीं होने की वजह से इस तरह से संक्रमण फैला। अब, राज्य सरकार ने कड़े नियम बनाए हैं। जिसमें सेना, अर्ध सैनिक बलों व ग्रेफ को उचित व्यवस्था करनी पड़ेगी। जहां नमुना जाच आवश्यक है। 

हालाकि क्वारंटीन पर राज्य प्रशासन की निगरानी रहेगी। जिसके लिए तैनाती होगी। इसी तरह अन्य राज्य से वापस आने वाले लोगों की संख्या कम की जाएगी। उन्होंने रंगली व पाकिम महकमा अंतर्गत के क्षेत्रों को पूर्ण तालाबंदी लगाने की जानकारी देते हुए शक्ति से पालन करने का आग्रह किया। हालाकि अन्य स्थानों में आशिक लॉकडाउन लगाना आवश्यक बताया। 

राज्य के आर्थिकतंत्र को बनाए रखने के लिए इस तरह के आशिक बंदी करने का विचार व्यक्त किया। उन्होंने पार्टी के विद्यार्थी अधिकार दिवस को अगले वर्ष से भव्य रूप में पालन करने तथा सरकार अवकाश देने की भी घोषणा की। उक्त अवसर पर शिक्षा मंत्री कुंगा नीमा लेप्चा, वन मंत्री कर्मा लोडे, भवन तथा आवास मंत्री संजीत खरेल, लोकसभा सासद इंद्र हाग सुब्बा समेत विधायक व पार्टी पदाधिकारियों उपस्थित थे।