इंडियन ऑयल के सिलीगुड़ी टर्मिनल अंतर्गत तेल टैंकर चालकों व खलासियों ने अपने बकाया वेतन और पूजा बोनस की अदायगी की माग को लेकर काम ठप कर हड़ताल शुरू कर दी है। इसे लेकर ड्राइवर्स यूनियन के सचिव प्रदीप तामाग ने कहा कि कोरोना महामारी व लॉकडाउन के संकट के चलते ड्राइवरों व खलासियों के घर परिवार में बहुत ही घोर आर्थिक संकट है। घर का चूल्हा जलना तक मुहाल है। 

ऐसी विकट परिस्थिति में तेल टैंकर मालिकों की ओर से पूजा बोनस तो दूर वेतन भी कई महीनों से बकाया रखा गया है। अत: जब तक वेतन और पूजा बोनस की अदायगी नहीं होती है तब तक वे हड़ताल पर रहेंगे। हालाकि, आपात सेवाओं को हम लोगों ने हड़ताल के दायरे से बाहर रखा है। 

इसीलिए नेपाल, भूटान व सिक्किम जाने-आने वाले तेल टैंकरों और सेना व एयरपोर्ट को तेल की आपूर्ति करने वाले टैंकरों को आवाजाही की छूट दी जा रही है। इसके साथ ही केरोसिन तेल के टैंकरों को भी आवाजाही की छूट दी जा रही है। हमारी मांग है कि हम तेल टैंकर चालकों व खलासियों को अविलंब पूजा बोनस और बकाया वेतन की अदायगी की जाए अन्यथा हमारा यह आदोलन जारी रहेगा।