केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख पांच सालों में आर्गेनिक क्षेत्र बनने की दिशा में अग्रसर है। लद्दाख में आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए इस समय सिक्किम की टीम लेह जिले में काम कर रही है। आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सिक्किम स्टेट आर्गेनिक सर्टिफिकेशन एजेंसी की टीम ने लेह के कई इलाकों का दौरा कर किसानों को प्रोत्साहित किया कि वे इस तरह से आर्गेनिक खेती से अपने आर्थिक स्तर को बेहतर बना सकते हैं।

लद्दाख प्रशासन ने क्षेत्र को वर्ष 2025 तक और आर्गेनिक क्षेत्र घोषित करने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में सिक्किम से पहुंची टीम किसानों को बता रही है कि वह मोदी सरकार की इस संबंध में योजना के तहत किस तरह से अपनी खेती में बदलाव ला सकते हैं। लद्दाख में आर्गेनिक खेती को बढावा देने के लिए हाल ही में लद्दाख के भाजपा सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल ने एजेंसी के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए थे।

ऐसे में लेह हिल काउंसिल ने लेह में एक कार्यक्रम आयोजित कर इस टीम के तकनीकी विशेषज्ञ सुधीर गिरि व विमल प्रवाश को सम्मानित किया। इस दौरान टीम ने पावर प्वाइंट के माध्यम से जानकारी दी कि किस तरह से आर्गेनिक खेती देश में लोगों का भविष्य बदल रही है सम्मानित करने वालों में हिल काउंसिल के डिप्टी चेयरमैन सेरिंग आंगचुक व कृषि के काउंसिललर स्टेंजिन चोस्पल व कृषि विभाग के मुख्य कृषि अधिकारी व जिला प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद थे।

सिक्किम से आई टीम ने कुछ दिन लेह में डेरा डालकर किसानों को ट्रेनिंग देगी कि वे किस तरह से ऑर्गेनिक खेती को अपना सकते हैं। केंद्र सरकार की ओर से इस समय देश में किसानों को ऑर्गेनिक खेती की प्रति प्रोत्साहित करने के लिए सहयोग भी दिया जा रहा है। ऐसे में लेह व कारगिल जिलों में भी कृषि विभाग इस दिशा में काम कर रहा है।