कोरोना संकट के बीच चीन भारत की सीमा पर लगातार तनाव उत्पन्न कर रहा है। चीन एलएसी पर घुसपैठ की लगातार कोशिश कर रहा है। पिछले दिनों सिक्किम से सटी सीमा पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच टकराव हुआ था। हालांकि इसे सुलझा लिया गया था। अब चीन ने हिमाचल प्रदेश में भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की कोशिश की है। 

हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति में चीन के साथ लगी सीमा पर तैनात आईटीबीपी (इंडो-तिब्बत बॉर्डर पुलिस) के अफसरों ने दावा किया है कि मई के पहले सप्ताह और अप्रैल के आखिरी सप्ताह में चीन के हेलिकॉप्टर भारतीय सीमा में घुसे थे। दावा है कि ये हेलिकॉप्टर भारतीय सीमा के अंदर 12 किलोमीटर तक आ गए थे। हालांकि आईटीबीपी द्वारा तुरंत विरोध दर्ज कराने के बाद ये हेलिकॉप्टर तिब्बत की ओर चले गए। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से चीन लगातार भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिशें कर रहा है।

इससे पहले सिक्किम से सटी सीमा पर भारत और चीन के सैनिकों के बीच टकराव की खबरें सामने आई थीं। हालांकि इसे स्थानीय दखल के बाद सुलझा लिया गया। जिसके बाद लद्दाख क्षेत्र अलर्ट पर है। सूत्रों के अनुसार चीन की पीएलए ने 1962 की जंग के एक पुराने पड़ाव गलवान नदी के पास टेंट लगाया है और देमचोक क्षेत्र में निर्माण शुरू कर दिया। सूत्रों के अनुसार निर्माण गतिविधियों के लिए संभवत: देमचोक में एक हजार से ज्यादा भारी वाहन लाए गए हैं। देमचोक में सीमा के पार गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। बताया जा रहा कि यहां चीन की तरफ से हवाई क्षेत्र का निर्माण किया जा सकता है। विवादित लाइन ऑफ ऐक्चुअल कंट्रोल के पास भारी निर्माण को दोनों पक्षों के बीच समझौते के उल्लंघन के रूप में देखा जा रहा है।