देश में राजस्थान, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के कुछ हिस्सों में अगले सप्ताह तक दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढऩे के लिए अनुकूल परिस्थितियों के विकसित होने के आसार नहीं हैं। आईएमडी ने यह जानकारी दी। 

आईएमडी अधिकारियों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी सीमा बाड़मेर, भीलवाड़ा, धौलपुर, अलीगढ़, मेरठ, अंबाला और अमृतसर से होकर गुजर रही है। अधिकारियों ने कहा कि अगले पांच दिनों के दौरान प्रायद्वीप भारत के उत्तर-पश्चिम, मध्य और पश्चिमी हिस्सों में कम बारिश होने का अनुमान है।

दक्षिण-पश्चिमी हवाओं के प्रभाव में अगले पांच दिनों के दौरान पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी वर्षा होने के आसार हैं। उन्होंने कहा कि अगले पांच दिनों के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम और मेघालय में भारी से अत्यधिक भारी बारिश होने का अनुमान है। इसके अलावा 29 और 30 जून को अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है। 30 जून को नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश के आसार हैं। 

आईएमडी ने कहा कि नमी के साथ पछुआ हवाओं के जोर पकडऩे का अनुमान है जिससे एक-दो जुलाई के आसपास उत्तरी बिहार, उत्तरी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के तराई क्षेत्रों में भारी बारिश होगी जिसके कारण इन क्षेत्रों से निकलने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ेगा और प्रवाह तेज होगा। राष्ट्रीय मौसम ब्यूरो ने कहा कि अगले 24 घंटों के दौरान बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा के अधिकांश हिस्सों में गरज के साथ बौछार पडऩे के आसार हैं।