प्रवर्तन न‍िदेशालय (ED) की जांच के घेरे में अब एमसीएक्‍स (MCX) आ गया है. सूत्रों के हवाले से म‍िली खबर के अनुसार 'गैर-सिक्किम' लोगों ने टैक्स छूट का फायदा उठाया है. ईडी की तरफ से MCX से इस पूरे मामले में जानकारी मांगी गई है. इस मामले में ईडी ने सिक्किम से होने वाली कमोडिटी ट्रेडिंग की जांच शुरू कर दी है.

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ईडी (ED) का मानना है कि सरकार की तरफ से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार वहां के लोगों को इनकम टैक्स (Income Tax) रिबेट मिली हुई है. लेकिन वहां के लोगों के क्रेडेंशियल (आईडी और पासवर्ड) से कई लोग कमोडिटी में ट्रेडिंग कर रहे हैं और इससे इनकम टैक्स की चोरी की जा रही है.

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यह मामला मनी लॉन्ड्रिंग तक भी ख‍िंच सकता है. इस कारण ED ने जांच शुरू कर दी है. ED ने MCX से पूरा डाटा मांगा है, जिसमें बताया पूछा गया है क‍ि किस तरह का ट्रेड यहां क‍िया जा रहा था. या इन ट्रेडर्स के लिए पास कोई KYC है या नहीं. आपको बता दें सिक्किम से फरवरी के महीने में केवल 5.6% का ट्रेड आया है.

इसके अलावा वेस्ट बंगाल के दो-तीन ब्रोकर्स भी ED के शिकंजे पर हैं. फिलहाल ED को जो जानकारी मिली है, उसमें ये सामने आया है कि वेस्ट बंगाल के कई ब्रोकर्स हैं, जिन्होंने इस फैसिलिटी का इस्तेमाल किया है और बड़ा ट्रेड MCX पर किया है. लिहाडा मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से ED इस मामले पर जांच कर रही है.