भारत को अंडर 19 क्रिकेट विश्व कप जीताने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मैनेजर लोबजांग जी तेनजिंद का एयरपोर्ट पर जोरदार स्वागत किया गया। बता दें कि तेनजिंद सिक्किम क्रिकेट एसोसिएशन (एसआईसीए) के अध्यक्ष भी हैं। भारत ने वेस्टइंडीज में अंडर19 वर्ल्ड कप के फाइनल में इंग्लैंड को हराकर रिकॉर्ड पांचवी बार ये खिताब अपने नाम किया था। 

लोबजांग ने कहा कि 1983 विश्व कप के बाद किसी भी भारतीय क्रिकेट टीम के लिए यह जीत संभवत: सर्वश्रेष्ठ थी। उन्होंने कहा कि टीम के कई खिलाड़ी कोविड की चपेट में आ गए थे, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। सपोर्ट स्टाफ भी बेहतरीन था। यह जीत शायद भारत के लिए सबसे खास जीत में से एक हो सकती है। उन्होंने कहा कि हम टूर्नामेंट की शुरुआत में सबसे मजबूत टीम नहीं थे, लेकिन जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ता गया टीम बेहतरीन होती गई। मुझे यकीन है कि इस टीम के कुछ युवा खिलाड़ी आने वाले दिनों में सीनियर टीम में खेलते हुए मिलेंगे। 

टीम मैनेजर की भूमिका निभाने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, एक क्रिकेट प्रशासक और पूर्वोत्तर से संबंधित होने के नाते मैंने नहीं सोचा था कि मैं भारतीय क्रिकेट टीम का प्रबंधन करूंगा। यह मेरे लिए बिल्कुल नया अनुभव था। उन्होंने यह अहम जिम्मेदारी देने के लिए बीसीसीआई के सचिव जय शाह को धन्यवाद भी दिया। लोबजांग ने कहा, कि हर बार जब मैं सिक्किम से बाहर जाता हूं, तो मैं सुनिश्चित करता हूं कि मैं पूर्वोत्तर राज्यों के क्रिकेट निकायों के साथ पहले से संवाद कर सकूं और हमारे मुद्दों को बीसीसीआई तक ले जाऊं। मैं उनके सुझाव भी मांगता हूं क्योंकि यह मेरे बारे में नहीं बल्कि पूरे पूर्वोत्तर के बारे में है।

लोबजांग ने कहा कि उनका भारतीय क्रिकेट टीम का मैनेजर बनना इस बात का सबूत है कि कड़ी मेहनत और ईमानदारी रंग लाती है। आप जितना अधिक आप काम करेंगे, आपको बीसीसीआई से उतना ही अधिक सम्मान मिलेगा और यदि आप ईमानदार हैं तो वे आपको हमेशा उच्च सम्मान में रखेंगे। नहीं तो राष्ट्रीय टीम में पूर्वोत्तर का मैनेजर कैसे होता। लोबजांग को एसआईसीए और जिला क्रिकेट समितियों द्वारा आज विवांता सिक्किम, पकयोंग में आयोजित एक स्वागत समारोह में सम्मानित किया गया।