गंगटोक। प्रमुख राजमार्ग NH10 जिसे हिमालयी राज्य की जीवन रेखा के रूप में जाना जाता है उस पर भूस्खलन के कारण यातायात बाधित रहा। इस भूस्खलन के कारन सिक्किम और कलिम्पोंग देश के बाकी हिस्सों से मंगलवार को लगभग 8 घंटे के लिए काट गया था। खबर है की “लगभग 7 बजे बिरिकदरा में भूस्खलन हुआ जो सिलीगुड़ी से लगभग 30 किमी दूर और कलिम्पोंग जिले में है। इस दौरान पेड़ों के साथ-साथ पत्थर और मलबा पहाड़ के नीचे लुढ़क गए और सड़क को अवरुद्ध कर दिया। पिछले कुछ दिनों में इस क्षेत्र में हुई तीव्र वर्षा से भूस्खलन हुआ है। इस वजह से एनएच पर यातायात ठप हो गया। राज्य के लोक निर्माण विभाग (NH-IX डिवीजन) के कार्यकारी अभियंता सुबोध छेत्री ने कहा की हमने खुदाई करने वालों को लगाया और दोपहर 3 बजे के आसपास एकतरफा यातायात के लिए सड़क साफ कर दी।

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सिलीगुड़ी से सिक्किम और कलिम्पोंग पर खड़े सैकड़ों वाहनों को लावा-अल्गारा और पेशोक रोड के माध्यम से चक्कर लगाकर जाना पड़ा। राज्य के पीडब्ल्यूडी के सूत्रों ने कहा कि बिरिकदरा में सड़क पूरी तरह से अवरुद्ध हो गई थी, उसी राजमार्ग का एक हिस्सा 30 किमी आगे स्थित 29वें मील में धंस गया। एक अधिकारी ने कहा, हम स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। यह एक संवेदनशील खंड बन गया है क्योंकि राजमार्ग की चौड़ाई 10 मीटर कम हो गई है। इस क्षेत्र में एक ही फाइल में वाहन चल रहे हैं। आपको बता दें की उत्तरी बंगाल में NH10 को भूस्खलन के लिए जाना जाता है। हर साल मानसून के दौरान इस राजमार्ग पर नियमित रूप से भूस्खलन होते हैं।

हाल ही में 20 जून को अंधेरी झोरा में एक भूस्खलन ने राजमार्ग को अवरुद्ध कर दिया था और 10 घंटे से अधिक समय तक यातायात बाधित रहा था। सेवोके के पास कलिझोरा में - एनएच 10 पर भी - 27 जून को एक और भूस्खलन हुआ था, जिससे यातायात कुछ घंटों के लिए रुक गया था। पिछले साल जुलाई और अगस्त में 29वें माइल पर 15 भूस्खलन हुए थे। बार-बार होने वाले भूस्खलन ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि केंद्र राजमार्ग के किनारे मरम्मत और एंटी-स्लाइड उपाय कब करेगा।

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एनएच 10 रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह सिक्किम को जोड़ने के लिए प्रमुख सड़क है। एक सेवानिवृत्त सेना अधिकारी ने कहा की केंद्र, बंगाल और सिक्किम की राज्य सरकारों के साथ केंद्र सरकार आवश्यक पहल करे। इस साल की शुरुआत में, दार्जिलिंग के सांसद राजू बिस्ता ने दावा किया था कि केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राजमार्ग के पुनर्निर्माण के लिए लगभग 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। कालिम्पोंग निवासी मृणाल राय ने कहा “हम साल दर साल भूस्खलन का खामियाजा भुगत रहे हैं। यही सही समय है कि केंद्र पुनर्निर्माण कार्य शुरू करे”।