जम्मू-कश्मीर की सहायता से सारे ट्रायल सफल होने के बाद सिक्किम में भी इसी साल से केसर की खेती शुरू होने वाली है। सिक्किम के किसान इसके लिए तैयार हैं। प्रदेश में केसर की खेती पर निगरानी रखने के लिए सिक्किम यूनिवर्सिटी, सिक्किम सरकार का बागवानी विभाग और जम्मू और कश्मीर के कृषि विभाग ने इसके लिए आपस में सहयोग की तैयारी की है। ट्रायल फेज को सिक्किम यूनिवर्सिटी की निगरानी में संचालित किया गया था, जिसके परिणाम बहुत ही उत्साहजनक रहे हैं। सिक्किम सरकार ने केसर की खेती की संभावनाओं पर प्रदेश के कई इलाकों में जमीनी जांच-पड़ताल करवाई है, जहां इसके लिए अनुकूल जलवायु उपलब्ध है।

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सिक्किम से एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल पिछले जुलाई महीने में कश्मीर के दौरे पर भी गया था और वहीं पर एक समझौता भी किया गया था। इसके बाद सभी संबंधित विभाग उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए आपस में संपर्क में बने हुए हैं। औपचारिक तौर पर इसकी खेती शुरू करने के लिए जम्मू-कश्मीर के कृषि विभाग और सिक्किम सरकार के बागवानी विभाग ने किसानों को पैदावार और खेती के तरीके बताने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम भी आयोजित करवाए हैं।

अधिकारियों के मुताबिक कश्मीर के पंपोर और सिक्किम के यांगयांग का मौसम और साथ ही साथ भौगोलिक परिस्थितियां समान हैं, जिसने ट्रायल के दौरान अच्छी सफलता दर सुनिश्चित की है। सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने बताया कि शुरू में सिक्किम सरकार ने जांच के लिए प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर करीब डेढ़ एकड़ खेती वाली जमीन पर केसर की खेती करवाई थी, जिसका परिणाम बहुत ही अच्छा रहा था। उन्होंने बताया, 'सिक्किम यूनिवर्सिटी की निगरानी में जमीन के एक छोटे से टुकड़े पर 2020 में मिशन की शुरुआत की गई थी। सफल परिणाम आने के बाद राज्य के अलग-अलग हिस्से में खेती की कोशिश की गई, और वे भी काफी कामयाब साबित हुए।'

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सिक्किम के गवर्नर ने ये भी बताया है कि राज्य में केसर की खेती की सफलता की दर लगभग 80 फीसदी है, जो कि अच्छा है। उन्होंने कहा है, 'सिक्किम में केसर की खेती के लिए बहुत अनुकूल मौसम है और इसके लिए जरूरी सारी आवश्यकताएं पूरी होती हैं।' जाहिर है कि सिक्किम सरकार ने कश्मीर के सहयोग से जो अभियान शुरू किया है, वह प्रदेश के किसानों की किस्मत चमकाने का दम रखता है।

लगता है कि प्रदेश में केसर की खेती शुरू करने की योजना पर यहां के राज्यपाल ने काफी दिलचस्पी ली है। क्योंकि, उन्होंने बताया कि केसर की खेती के विस्तार के लिए उन्होंने राजभवन में प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग और बाकी अधिकारियों के साथ कई दौर की बातचीत की है और इसके जुड़े हर पहलुओं पर चर्चा हुई है। केसर की खेती जम्मू-कश्मीर के लिए विशेष फसल है। लेकिन, अब सिक्किम सरकार ने इसे बढ़ावा देने का फैसला किया है, जो कि राज्य के किसानों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है।