सरकार ने मजदूरों के लिए बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि वो जहां हैं वहीं रहें, क्योंकि उन्हें मनरेगा में काम दिया जाएगा। सरकार ने कोरोना संकट और लॉकडाउन की वजह से जर्जर हो ही देश की अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने की कयावद शुरू कर दी है। चाहे वो सिक्किम के रहने वाले हों या देश के किसी भी राज्य के मजदूर हों। सबको जो जहां हैं उन्हें मनरेगा में काम दिया जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 20 लाख करोड़ के पैकेज का ऐलान के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग सेक्टर्स के लिए राहत की घोषणाएं कर रही हैं और आज उन्होंने ऐलान किया कि प्रवासी मजदूरों को मनरेगा के तहत काम मिलेगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज गुरुवार को राहत पैकेज से जुड़ी अपनी लगातार दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बड़ी संख्या में अपने राज्य लौटने वाले प्रवासी मजदूरों के लिए सरकार सहायता करेगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि कल तक 1.87 लाख ग्राम पंचायतों में 2.33 करोड़ लोगों को काम दिया गया है। पिछले साल मई की तुलना में इस बार 40 से 50 फीसदी ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इस तरह से पिछले साल की तुलना की जाए तो मजदूरों की दिहाड़ी मजदूरी में भी इजाफा हुआ है। पिछले साल 182 दिहाड़ी मजदूरी थी जो इस साल बढ़कर 202 रुपये हो गई।