लद्दाख में (LAC) यानी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारी तनाव के बीच भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच हुई हिंसक झड़प में हमारे 20 जवान शहीद हो गए। हालांकि चीन की सेना को इससे भी बड़ नुकसान पहुंचा है।


आपको बता दें कि 1962 में भारत-चीन युद्ध हुआ था और इसके ठीक पांच साल बाद 1967 में चीन ने ऐसी ही हरकत फिर की थी। सितंबर महीने में नाथू ला और चोला क्षेत्र में दोनों देशों के सैनिकों के बीच ऐसा ही ठकराव पैदा हो गया था। भारतीय सेना ने चीन को सबक सिखाते हुए उनके 340 जवानों को मौके पर मार गिराया था।
1967 में भी भारतीय क्षेत्र पर कब्जे की नीयत को लेकर ही दोनों देश की सेनाएं आमने-सामने थीं। दरअसल साल 1967 में अगस्त के महीने में नाथू ला में भारतीय सीमा से सटे इलाकों में चीनी सैनिकों ने गड्ढे खोदने शुरू कर दिए थे।
सिक्किम में भारतीय सीमा की तरफ गड्ढे खोदे जाने का जब सेना ने विरोध शुरू किया और चीनी सैनिकों को पीछे हटने को कहा तो वो नहीं माने और इसके बाद झड़प शुरू हो गई थी। चीनी सेना को इसका अच्छा खासा नुकसान उठाना पड़ा था।
दरअसल उस वक्त सिक्किम भारत में शामिल नहीं हुआ था और वहां राजशाही चल रही थी। विशेषज्ञों के मुताबिक चीन इस बात से नाराज था कि जब सिक्किम का भारत में पूर्ण विलय नहीं हुआ तो भारतीय सेना सिक्किम में क्यों है। बता दें कि साल 1975 में सिक्किम भारत का अंग बन गया था।