गुंडरूक सिक्किम का एक ऐसा व्यंजन है जिसको शाकहारी और मांसाहारी दोनों बेहद पसंद करते हैं। सदियों से, सिक्किम के गांवों में गुंड्रुक शाकाहारी आबादी का एक प्रमुख व्यंजन रहा है। यह अत्यधिक स्वादिष्ट, स्वास्थ्यवर्धक और मेटाबॉलिज्म को तेज करने वाला व्यंजन है।

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यदि आप शाकाहारी या शाकाहारी हैं तो भी कोई बात नहीं क्योंकि सिक्किम में मुख्य रूप से यह व्यंजन मिलता है। गुंडरुक एक किण्वित पत्तेदार हरी सब्जी है जो कि नेपाल और सिक्किम में बेहद लोकप्रिय भोजन है। यह यहां के प्रमुख व्यंजनों में से एक है।

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वैसे तो गुडरूक का सबसे ज्यादा उत्पादन नेपाल में किया जाता है। नेपाल में गुंडरुक का वार्षिक उत्पादन 2,000 टन है और इसका उपयोग अधिकांशत: घरेलू स्तर पर किया जाता है। हालांकि, सिक्किम भी काफी बड़ी तादात में गुंडरूक का उत्पादन करता है।

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गुंड्रुक को मुख्य भोजन के साथ साइड डिश के रूप में परोसा जाता है और इसे क्षुधावर्धक के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। गुंडरुक खनिजों का एक महत्वपूर्ण स्रोत है जिसको विशेष रूप से ऑफ-सीजन के दौरान उपयोग किया जाता है।

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गुंडरूक तैयार करने के लिए चौड़ी पत्ती वाली हरी सरसों, मूली और फूलगोभी के पत्तों की कटाई करके एक या दो दिनों के लिए मुरझाने दिया जाता है और फिर चाकू या दरांती से काट दिया जाता है। इसमें मूली के पत्तों के साथ ही जड़ों का भी उपयोग किया जाता है।

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इसके बाद इन सभी चीजों को किसी सुरक्षित और धूप वाली जगह पर दफना दिया जाता है। इसे खुली जगह पर भी रखा जा सकता है। कुछ दिनों के बाद इसमें अम्लता का स्वाद आ जाता है। इसके फिर इसे धूप में सुखाया जाता है। इस तरह से बनाया गया गुंड्रुक अधिक स्वादिष्ट, अधिक स्वादिष्ट और अधिक अम्लीय होता है।