देश में इस वक्त जैविक खेती का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा है। उत्तराखंड के बाद अब गुजरात सरकार ने भी इस प्रकार की खेती को बढ़ावा देने पर जोर देना शुरू कर दिया है। गुजरात में जैविक खेती को लेकर सरकार ने सिक्किम मॉडल को अपनाने की योजना बनाई है और इसके लिए आदिवासी बहुल वाले जिले डांग को 100% जैविक कृषि वाला जिला बनाने का निर्णय लिया है।

राज्य सरकार की योजना है कि जिले में खेती योग्य सभी भूमि को जैविक कृषि क्षेत्रों में परिवर्तित किया जाए। इसके साथ ही डांग के कृषि उत्पादों को प्रमाणित जैविक उत्पादों के रूप में बढ़ावा दिया जाएगा। आपको बता दें कि इस जिले के आदिवासी पहले भी खेती के जैविक तरीकों पर निर्भर थे, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में खेती के लिए रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग बढ़ गया है।

सरकार से संबंधित सूत्रों के मुताबिक, सिक्किम को देश का पहला जैविक खेती वाला राज्य घोषित किया गया है, जहां शत-प्रतिशत जैविक खेती की जाती है। अब इसी तर्ज पर डांग को भी इसी तरह का जिला बनाने की योजना है, क्योंकि सरकार का मानना है कि इस जिले की भौगोलिक स्थिति सिक्किम के ही समान है। सूत्रों के मुताबिक,' इस संबंध में एक औपचारिक परियोजना को मंजूरी दी गई है। अगले पांच वर्षों में, डांग जिले के 53,000 हेक्टेयर भूमि को जैविक कृषि में परिवर्तित किया जाएगा।'

अधिकारियों के मुताबिक, सरकार की योजना है कि जिले में खेती में किसी भी तरह के सिंथेटिक उत्पादों और आनुवांशिक रूप से संशोधित जीवों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा देगी। इसके साथ ही डांग में रासायनिक खाद और कीटनाशक बेचने वाली सभी दुकानें भी जल्द ही बंद हो जाएंगी। सरकार जिले में जैविक खेती समूहों को बढ़ावा देगी।