भारत के 22वां प्रजातंत्र राज्य के रूप में स्थापित होने पर तीन बार मुख्यमंत्री के पद पर आसीन रहने वाले स्वर्गीय नर बहादुर भंडारी (Late Nar Bahadur Bhandari) सामाजिक एवं राजनैतिक जनप्रिय व्यक्तित्व थे,न केवल वे सामान्य जन के हिमायती थे ,अपितु भाषण में जन मुद्दों को उठाने वाले सरल,सहज ,एवं बहुमुखी प्रतिभा के धनी भी रहे। नेपाली भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने वाले नेता स्वर्गीय नर बहादुर भंडारी हमेशा अपने महत्वपूर्ण योगदान के लिए नेपाली भाषियों के मन में अमर रहेंगे।

सिक्किम (Sikkim) के राज्यपाल गंगा प्रसाद (Governor Ganga Prasad) ने भूतपूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय नर बहादुर (Late Nar Bahadur Bhandari) जयंती के अवसर पर उन्हें याद किया एवं श्रद्धाजलि अर्पित की। भारत के 22वां प्रजातंत्र राज्य के रूप में स्थापित होने पर तीन बार मुख्यमंत्री के पद पर आसीन रहने वाले स्वर्गीय नर बहादुर (Late Nar Bahadur Bhandari) भंडारी सामाजिक एवं राजनैतिक जनप्रिय व्यक्तित्व थे,न केवल वे सामान्य जन के हिमायती थे ,अपितु भाषण में जन मुद्दों को उठाने वाले सरल,सहज ,एवं बहुमुखी प्रतिभा के धनी भी रहे। 

नेपाली भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने वाले नेता स्वर्गीय नर बहादुर भंडारी हमेशा अपने महत्वपूर्ण योगदान के लिए नेपाली भाषियों के मन में अमर रहेंगे। आज हमें उनके पथ का अनुसरण कर जनमानस हेतु कर्मठ रहने की प्रेरणा लेनी चाहिए। सिक्किम के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने भूतपूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय नर बहादुर जयंती के अवसर पर उन्हें याद किया एवं श्रद्धाजलि अर्पित की। 

भारत के 22वां प्रजातंत्र राज्य के रूप में स्थापित होने पर तीन बार मुख्यमंत्री के पद पर आसीन रहने वाले स्वर्गीय नर बहादुर भंडारी सामाजिक एवं राजनैतिक जनप्रिय व्यक्तित्व थे,न केवल वे सामान्य जन के हिमायती थे, अपितु भाषण में जन मुद्दों को उठाने वाले सरल,सहज ,एवं बहुमुखी प्रतिभा के धनी भी रहे। नेपाली भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने वाले नेता स्वर्गीय नर बहादुर भंडारी हमेशा अपने महत्वपूर्ण योगदान के लिए नेपाली भाषियों के मन में अमर रहेंगे ।आज हमें उनके पथ का अनुसरण कर जनमानस हेतु कर्मठ रहने की प्रेरणा लेनी चाहिए ।