सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामाग (गोले) ने 53वें जन्म दिन के अवसर पर उन्होंने प. सिक्किम के धर्माटन में पूजा अर्चना की। शुक्रवार को उन्होंने पश्चिम सिक्किम के खेचुपेरी पोखरी, टाशी छोग्याल गुंबा और जलेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना की। पश्चिम सिक्किम के सिंगलिंग बस्ती में जन्मे मुख्यमंत्री गोले ने दार्जिलिंग सरकारी कालेज से 1988 में बीए किया था। इसके बाद वह शिक्षक बने। उन्होंने 1990 से 1993 तक राज्य सरकार की शिक्षा विभाग में ग्रेजुएट शिक्षक के रूप में काम किया। इसके बाद वह सामाजिक और राजनीतिक काम के लिए शिक्षक पद से राजीनामा देकर सक्रिय राजनीति में आए। उस समय पूर्व मुख्यमंत्री पवन चामलिंग की पार्टी सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) सक्रिय विपक्ष में थी। मुख्यमंत्री गोले ने 1994 का विधानसभा चुनाव सोरेंग चेखुंग समष्टि से उमेद्वार के रूप में विधानसभा चुनाव लडे़ थे। उस समय उन्होंने एसडीएफ पार्टी में राज्य युवा समन्वयक और उपाध्यक्ष का पदभार संभाला।

1994 से लेकर 1999 तक वह एसडीएफ सरकार में पशुपालन विभाग, विद्युत एवं उद्योग विभाग और 1999 से 2004 तक उद्योग और पशुपालन विभाग में, 2004 से 2009 तक बिल्डिंग तथा हाउसिंग विभाग में मंत्री रहे थे। साल 2009 में बुर्तुक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव जीतने के बाद वह उद्योग विभाग के अध्यक्ष बने, लेकिन उन्होंने इसमें सेवा नहीं दिया। अंतत: 2013 में आकर उन्होंने सिक्किम क्रातिकारी मोर्चा नामक राजनीतिक पार्टी गठन की। पार्टी गठन से पहले उन्होंने एसडीएफ पार्टी से बाघी बनकर सिक्किम के सरकारी कर्मचारियों और अन्य के साथ मिलकर 21 दिसंबर 2009 में रोलू में एक पिकनिक आयोजन किया।

इसके बाद उनके सहयोगीयों को सिक्किम में गोले खेमा के नाम से परिचय दिया गया। 4 फरवरी 2013 में उन्होंने सोरेंग चेखुंग से सिक्किम क्रातिकारी मोर्चा राजनीतिक दल गठन किया। इसके बाद 6 सितंबर 2013 में एसडीएफ पार्टी से आधिकारिक रूप में राजीनामा दिया। इसके बाद पीएस गोले की पार्टी ने 2014 की सिक्किम विधानसभा चुनाव में 42 प्रतिशत वोट पाकर राज्य में 32 में 10 सीटों में विजय हासिल किया, लेकिन वह नामथाग रातेपानी निर्वाचन क्षेत्र से हारे थे। दूसरी ओर उन्होंने अपर बुर्तुक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की थी।

इधर एसडीएफ पार्टी की सरकार के कार्यकाल में 13 जनवरी 2017 के दिन वह सिक्किम विधानसभा से कन्विक्ट होगए। उनके ऊपर सरकारी कोष के दुरुपयोग का आरोप था वह जेल भी गए। 10 अगस्त 2018 में वह जेल से रिहा हुए। उक्त दिन को एसकेएम जन उन्मुक्ति दिवस के रूप में मनाती हैं। सिक्किम विधानसभा की 2019 के चुनाव में सिक्किम क्रातिकारी मोर्चा ने 32 विधानसभा सीटों में 17 सीटों पर जीत कर 25 सालों से सत्ता पर काबिज पवन कुमार चामलिंग की पार्टी को हरा दिया। लेकिन इस बार पीएस गोले किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव नहीं लडे। इस समय सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट ने आरोप लगाया था कि करप्सन के मामिला में जेल गए कन्विक्टेड आदमी चुनाव नहीं लड सकता।

विवाद में रहते भी 27 मई 2019 के दिन उन्होंने सिक्किम के 6वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली इसके 6 माह बाद पोकलोक कामराग निर्वाचन क्षेत्र से उप चुनाव लड़े, और चुनाव जीत गए। सिक्किम विधानसभा में उनके बेटे आदित्य गोले भी विधायक हैं।