नैनीताल। हाईकोर्ट ने गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय में पर्यवेक्षक के रूप में सिक्किम हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस वीके बिष्ट को नियुक्त किया है। विवि के निलंबित कुलपति प्रो. रूप किशोर शास्त्री की कुलाधिपति डॉ. सत्यपाल सिंह को बहाल करने के यूजीसी के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद गुरुकुल यूजीसी को जवाब देने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए छह मार्च की तिथि नियत की है।

दुनिया में इन नेताओं के पास है सबसे शख्त सुरक्षा, शिकारी पक्षी तक रखते हैं नजर

गुरुकुल कांगड़ी विवि में अक्तूबर माह में कुलपति प्रो. रूप शास्त्री ने रजिस्ट्रार सुनील कुमार को हटा दिया था जिसके बाद कुलपति को निलंबित कर प्रो. सितांशु को कार्यवाहक कुलपति नियुक्त कर दिया था। कार्यवाहक कुलपति के आदेश के बाद कुलसचिव को बहाल कर दिया गया।

इस मामले में आर्य प्रतिनिधि सभा हाईकोर्ट पहुंची थी जिसके बाद कुलपति प्रो. रूप किशोर शास्त्री बहाल हो गए थे। हाल ही में आर्य प्रतिनिधि सभा ने कुलाधिपति प्रो. सत्यपाल सिंह को बर्खास्त कर दिया था जिसके बाद कुलाधिपति ने इस्तीफा भेजा। इसके बाद विवि अनुदान आयोग ने कुलाधिपति को बहाल कर दिया। इस आदेश को कुलपति प्रो. शास्त्री ने याचिका दायर कर हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

विधानसभा चुनाव से पहले त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में संयुक्त फ्लैग मार्च

मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने विवाद को देखते हुए पूर्व चीफ जस्टिस को पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिया। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की आपत्ति को पूर्व जस्टिस वीके बिष्ट के समक्ष रखा जाएगा। जस्टिस बिष्ट का इस विवाद में निर्णय अंतिम होगा। न्यायमूर्ति बिष्ट अगली तारीख से पहले इस अदालत में रिपोर्ट दाखिल करेंगे। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए छह मार्च की तिथि नियत की है।