राज्य सरकार ने कुछ आशिक राहत के साथ लॉकडाउन को 31 मई तक के बढ़ाने का निर्णय लिया है। पहले राज्यव्यापी लाकडाउन सप्ताहव्यापी होने के कारण 24 मई तक के लिए था। मगर अब इसे बढ़ाकर 31 मई तक के लिए कर दिया गया है। यह जानकारी मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तामाग (पीएस गोले) की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया। स्थानीय सम्मान भवन में आयोजित कोविड-19 समीक्षा बैठक में उक्त निर्णय लिया गया।

सिक्किम में लागू यह तीसरे चरण का लॉकडाउन है। पहले चरण में राज्य सरकार ने 6 मई से 17 मई तक आशिक लॉकडाउन लागू किया था। फिर 17 मई से 24 मई तक के लिए पूर्ण लॉकडाउन लागू किया गया। पूर्ण लॉकडाउन में आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर अन्य सारे व्यवसाय को बंद कर दिए थे, सरकार ने राशन व सब्जियों की दुकाने भी बंद कर दी थी।

इस बार 24 मई से 31 मई तक होने वाले लॉकडाउन में राशन और सब्जी के दुकानों को छूट दिया गया है, जो सुबह 08 से 11 बजे तक खुली रहेंगी। लॉकडाउन में राज्य के एकमात्र तिमी चाय बागान को 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए काम करने की अनुमति दी गई है। इसी प्रकार खाद्य सामग्रिया, सब्जिया, दूध आदि लोड/अनलोड और थोक विक्रेताओं से खुदरा दुकानदारों तक सामग्रिया पहुंचाने वाले वाहनों को सुबह 05 बजे से 08 तक वाणिज्यिक मालवाहक वाहनों को छूट दी गयी है। इसके अलावा अन्य प्रतिबंध यथावत रखा गया है। लॉक डाउन अवधि वाहन और लोगों को अंतर्राज्यीय और अंतर जिला आवागमन बंद रहेगा।

बैठक में मुख्यमंत्री गोले ने लोगों को अपने क्षेत्रों के दुकानों से कोविड-19 प्रोटोकॉल पालन करते हुए राशन और सब्जिया खरीदने की अपील की है। उन्होंने राज्य में कोविड-19 की वर्तमान स्थिति के साथ ही ब्लैक फंगस की संभावित मामलों की जाच, निदान और प्रबंधन के लिए तैयारियों में ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को तत्काल एक तकनीकी विशेषज्ञ समिति गठन कर 2-डोक्सी-डी-ग्लूकोज (2-डीजी) और कोविड-19 सेल्फ टेस्टिंग किट की खरीद सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। 

उन्होंने राज्य में आक्सीजन समय पर सुनिश्चित करने के लिए यातायात विभाग के प्रयास की सराहना की। मुख्यमंत्री तामाग ने यातायात विभाग के मंत्री संजीत खरेल की अध्यक्षता में आक्सीजन प्लाट सेटअप कमेटी गठित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री गोले ने ग्रामीण विकास विभाग को प्रत्येक जीपीयू स्तर में भी समíपत कोविड केयर और आइसोलेशन सेंटर स्थापित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को कोविड-19 महामारी से संबंधित कार्य में उनकी महत्वपूर्ण योगदान के लिए एकमुश्त प्रोत्साहन स्वरूप मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 हजार रुपये प्रदान करने की घोषणा की। इस अवसर पर राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री, राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी, प्रधान सचिव, मुख्यमंत्री के गोपनीय सचिव तथा विभिन्न विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।