सेना के पूर्वी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे ने शुक्रवार को सिक्किम में सुरक्षा स्थिति का जायजा लेने के लिए फॉरवर्ड पोस्ट का दौरा किया। उन्होंने कठोर मौसम और दुर्गम इलाकों में सैनिकों की प्रतिबद्धता की तारीफ करते हुए, सुरक्षा व्यवस्था की परख की। चीन के साथ गलवान संघर्ष का एक साल पूरा होने को है, ऐसे में LAC के सटे इलाकों में भारतीय कमांडर पूरी तरह से मुस्तैद हैं। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज पांडे ने हाल ही में सेना की पूर्वी कमान के नए कमांडर के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। यह कमान सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के क्षेत्रों में चीन के साथ वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की सुरक्षा के लिए तैनात है।

लेफ्टिनेंट जनरल पांडे अंडमान एवं निकोबार कमान के कमांडर-इन-चीफ रहे हैं। लेफ्टिनेंट जनरल पांडे को दिसंबर 1982 में बॉम्बे सैपर्स में कमीशन दिया गया था। अपने करियर के दौरान उन्होंने सभी प्रकार के इलाकों में पारंपरिक और साथ ही आतंकवाद विरोधी अभियानों की कमान संभाली है।

पिछले साल 15-16 जून की रात गलवान में हिंसक झड़प हुई थी, इस हिंसक झड़प के एक साल पूरे होने से पहले सेना LAC पर पूरी तरह से मुस्तैद है। भारतीय सैनिकों की जांबाजी के आगे चीनी जवानों को मुंह की खानी पड़ी। गलवान संघर्ष के बाद LAC पर चीन लगातार अपनी ताकत बढ़ा रहा है। चीन की सेना ने पिछले एक साल में अपने जवानों के लिए नए हथियार और साजो-सामान खरीदे हैं। वहीं दूसरी ओर एक साल में भारत ने भी LAC पर पूरी ताकत झोंक दी है।

गलवान साजिश के एक साल पूरे होने से पहले ही भारत ने लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर किलेबंदी कर ली है। LAC पर अत्याधुनिक हथियार और रसद लंबे समय के लिए रिजर्व कर ली गई है। चीन के मंसूबों को नाकाम करने के लिए हाल ही में खरीदी गए आधुनिक हथियार और गोला बारूद को लद्दाख में तैनात कर दिया गया है। अब चाहे माइनस तापमान हो या बर्फीली हवा, सेंट्रल कमांड में हर पल भारत के वीर एक्शन में दिखेंगे।