सिक्किम में शहीद जवान कन्हैयालाल जाट का शव आज इंदौर एयरपोर्ट पर लाया गया। एयरपोर्ट पर सेना के अधिकारी और जवानों ने उन्हें सम्मान दिया। वीर शहीद के शव को ससम्मान उनके गृह जिले के लिए रवाना कर दिया। थल सेना में लांस नायक जिले के ग्राम गुणावद निवासी 32 वर्षीय कन्हैयालाल पुत्र विक्रम जाट की 22 मई को सिक्किम में हुए हादसे में मौत के बाद पूरा गांव गमगीन है। वे सेना की सीएमपी यूनिट में सिक्किम में पदस्थ थे।

शनिवार रात को कन्हैयालाल के शहीद होने की सूचना मिलने के बाद स्वजन व गांव में शोक व्याप्त हो गया। रविवार को इंटरनेट मीडिया पर भी दिन भर श्रद्धांजलि देने का क्रम चलता रहा। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने भी शोक व्यक्त किया है। शहीद कन्हैयालाल के घर पहुंचकर अधिकारियों ने उनके स्वजन व ग्राम पंचायत के सदस्यों से चर्चा की। 

ग्राम पंचायत दुवारा मुक्तिधाम पर जेसीबी से सफाई करवाई गई। कन्हैयालाल का घर गांव के थोड़ा बाहर खेत पर स्थित है। परिवार में 75 वर्षीय दादी कंचन बाई, पिता विक्रम जाट, माता मुन्नीबाई, भाई बलराम जाट, भाभी रीनाबाई, भतीजी आदित्य, कन्हैयालाल की पत्नी सपना चौधरी के अलावा दो पुत्रियां छह वर्षीय आराध्या व तीन वर्षीय किंजल हैं। उधर, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश भरावा ने गांव पहुंचकर स्वजनों को सांत्वना दी।

सिक्किम सूबेदार एसके पांडे ने बताया कि रविवार को सिक्किम में ही पोस्टमार्टम के बाद शाम पांच बजे गार्ड आफ आनर दिया गया। इसके बाद सिक्किम से 125 किलो मीटर दूर बागड़ोगरा एयरपोर्ट से 24 मई को दोपहर को विमान से लेकर निकले। इंदौर से महू बटालियन के अमले के साथ शव रतलाम लाया जाएगा।