देश में भले ही कोरोना को कोहराम हो लेकिन पूर्वोत्तर का एक राज्य ऐसा भी है, जहां अभी तक कोरोना ने अपनी दस्तक नहीं दी है। दरअसल ये राज्य सिक्किम है। सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से जब इस सफलता के बारे में पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि जब दुनिया कोरोनावायरस को महामारी घोषित करने पर विचार कर रही थी, तब सिक्किम ने सुरक्षा के उपाय करना शुरू कर दिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से चीन में वायरस की खबरें आना शुरू हुईं, हम तभी से सतर्क हो गए। सिक्किम राज्य की सीमा भूटान और नेपाल के अलावा चीन से भी लगी हुई है। जनवरी में भारत में कोरोना वायरस का पहला मामला दर्ज होने के बाद, हमने फरवरी के बाद से ही चार मुख्य चेकपोस्टों में राज्य में आने-जाने वाले लोगों की निगरानी शुरू कर दी। सुरक्षा को लेकर निर्देश जारी करने के लिए हमने केंद्र सरकार के आदेश का इन्तजार नहीं किया। यही वजह है कि सिक्किम में अब तक एक भी पॉजिटिव केस नहीं आया है।

उन्होंने कहा कि सिक्किम ने 15 मार्च को ही विदेशी नागरिकों के राज्य में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था। देशव्यापी लॉकडाउन से पहले ही 17 मार्च को सभी भीड़भाड़ वाली जगहों को बंद कर दिया गया।इसके बाद दिल्ली और अन्य महानगरों से घर लौटने वाले लोगों पर भी नजर रखी गई। उन्हें 14 दिन के लिए आइसोलेट किया गया। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने रोजाना निगरानी की। अपनी यात्राओं को छिपाने वालों पर कार्रवाई की गई। नाथुला पास समेत अपनी सभी सीमाओं को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। यहां सिक्किम राज्य के लोग चीन के साथ व्यापार करते हैं। राज्य में केवल दो चेकपोस्ट खुले रखे गए हैं – रंगपो और मेली, जहां पुलिस बल की तैनाती की गई है।

उन्होंने कहा कि अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में तब पॉजिटिव मामले सामने आए, जब बाहर रहने वाले लोग अपने घर वापस लौटे। दूसरे राज्यों में रहने वाले सिक्किम के लोगों समेत किसी को भी प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी गई। इसी के साथ किसी को भी राज्य से बाहर निकलने की भी अनुमति नहीं दी गई।सिक्किम राज्य के 2,000 से ज्यादा छात्र देश के अन्य हिस्सों में अध्ययन कर रहे हैं और कई काम कर रहे हैं। राज्य सरकार अपने रेजिडेंट कमिश्नर के जरिए लगातार उनके संपर्क में हैं। उन्हें राशन, आर्थिक सहायता और अन्य तरह की सहायता भेजी जाती है। राज्य के अंदर पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार से आए प्रवासी श्रमिकों को हर महीने 2,000 रुपये दिए गए। सिक्किम के लोग बेहद अनुशासित रहे हैं।उन्होंने लॉकडाउन के सभी दिशानिर्देशों का ठीक से पालन किया है।