गंगटोक। सिक्किम के मुख्यमंत्री पी.एस. तमांग ने बुधवार को मुख्य रूप से ग्रामीण अंचल में मनाये जाने वाले बेठी-असार पंद्रा की बधाई दी। मुख्यमंत्री पी.एस. तमांग ने कहा,'' मैं असार 15 के अवसर पर सिक्किम के लोगों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। इस उत्सव से धान की बुवाई का मौसम शुरू हो गया है।' यह त्योहार ग्रामीण इलाकों में मनाया जाता है। इस अवसर पर सिक्किम और नेपाल में किसान धान रोपाई के दौरान गायन और नृत्य का आनंद लेते हैं। 

उन्होंने यहां के लोगों से आग्रह किया कि इस परंपरा के महत्व के बारे में युवाओं को शिक्षित करना चाहिए। कृषि मंत्री एल.एन. शर्मा ने अपने जन्मस्थान बर्थिंग पश्चिम सिक्किम में बुधवार को बेठी असार पंद्रा मनाया। उन्होंने कहा कि बेठी त्योहार किसानों के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इस दिन से सभी किसान मिलकर अपने खेतों में धान लगाते हैं, गाते हैं और आनंद लेते हैं। इस अवसर पर दोस्तों, मेहमानों और परिवार के सदस्यों को भोजन खिलाया जाता है। 

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जिसमें दही चेवड़ा, दही और भुना हुआ चावल परोसा जाता हैं। इस भोजन को आज के दिन अधिक महत्ता दी जाती है, इसे शुभ बताया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में पहले के किसान बुजुर्ग हो गए हैं और उनकी शिक्षित पीढ़ी खेती से मुंह मोड़ ले रही है, जिससे पारंपरिक त्यौहार बेठी की अपनी पहचान खोती जा रही है जो दुखद है। शर्मा ने कहा कि किसानों की शिक्षित पीढियां कृषि से अलग हटकर अन्य व्यवसायों को करना पसंद करते हैं। 

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उनके शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में सिक्किमी नेपाली, भूटिया और लेप्चा संस्कृति और परंपराएं शामिल नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि परम्परा के अनुसार पहले के किसान मुख्य रूप से धान की रोपाई करते आ रहे हैं इसलिए इसके रोपण को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है और इसलिए रोपाई के दौरान बेठी को बड़े उत्सव के साथ मनाया जाता है।