पूर्वोत्तर में राज्यों में सबसे ज्यादा नशीले पदार्थों की तस्करी की जाती है लेकिन सीमा सुरक्षा बल और असम राइफल्स द्वारा तस्करों पर कड़ी नजर रखी जाती है। इनकी सावधानी से लाखों करोड़ों के नशे के पदार्थ जब्त कर लिए जाते हैं। इसी तरह से सिक्किम SADA & NDPS Act के तहत एक मामला दर्ज किया गया है।
गंगटोक जिले में संदिग्ध दिलीप बहादुर छेत्री, सियो कुल बहादुर छेत्री, निवासी तथांगचेन, पूर्वी सिक्किम ICAR कार्यालय के पास ICAR-लिंगडिंग रोड पर पंजीकरण संख्या SK01 TA 0150 वाले वाहन की चालक नशे में धुत पाया गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि व्यक्ति पर नियंत्रित पदार्थ ले जाने का संदेह था।

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तलाशी के दौरान पर्याप्त मात्रा में स्पैस्मोप्रोक्सीवॉन कैप्सूल और नाइट्रोसन बरामद किया गया। आरोपी व्यक्ति पुलिस हिरासत में है और आगे की जांच जारी है। साथ आरोपियों पर SADA & NDPS Act में मामला दर्ज किया गया है।  जानकारी के लिए बता दें कि स्पास्मो प्रॉक्सीवॉन कैप्सूल में मिली डेक्स्ट्रामार्फेन नाम की दवा से नशा होता है।
बता दें कि पेट दर्द से लोगों को तत्काल राहत देने के लिए यह दवा मिलाई जाती थी। इसकी शिकायत के बाद सरकार के हस्तक्षेप पर स्पास्मोप्रॉक्सीवॉन का फार्मूला बदल दिया गया और कई लोग द्वारा इसकों नशें के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

SADA & NDPS Act

नशीले पदार्थों के सेवन करने, इसे बनाने, खरीद-बिक्री करने के खिलाफ देश में जो कानून है, उसे नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 कहते हैं। इसे शॉर्ट में NDPS एक्ट कहा जाता है। इसके तहत 2 तरह के नशीले पदार्थ आ​ते हैं-

1. नारकोटिक  2. साइकोट्रोपिक।

कुछ का उत्पादन मेडिकल जरूरतों या अन्य कार्यों के लिए जरूरी भी होता है, लेकिन उन पर कड़ी निगरानी रखनी होती है, नहीं तो लोगों में नशे की लत बढ़ सकती है। इसी नियंत्रण के लिए NDPS एक्ट बनाया गया है।