सिक्किम में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड ने अपने सभी सदस्यों को अपने ऐसे सभी ग्राहकों के आवश्यक केवाईसी दस्तावेजों को फिर से सत्यापित करने और साझा करने के लिए कहा है, जिन्होंने सिक्किम को पत्राचार या स्थायी पते के रूप में दिया है। सूत्रों के मुताबिक ऐसा सिक्किम रूट के मार्केट प्लेयर्स द्वारा किए जा रहे दुरूपयोग पर नजर रखने के लिए किया जा रहा है।

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सिक्किम के निवासी, जिनके पास स्थायी निवास आशय का प्रमाण पत्र है या उनके वंशज हैं, ऐसे लोगों को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (Sebi) द्वारा डीमैट खाते के संचालन के लिए अनिवार्य स्थायी खाता संख्या (Pan) प्रदान करने से छूट दी गई है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि सिक्किम, एक विशेष श्रेणी का राज्य है और सिक्किम टैक्स मैनुअल द्वारा शासित है, न कि आयकर (आई-टी) अधिनियम द्वारा।


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सब्जेक्ट प्रमाण पत्र उस व्यक्ति को प्रदान किया जाता है, जिसका सिक्किम सब्जेक्ट विनियमन, 1961 के प्रारंभ होने से ठीक पहले सिक्किम में उसका निवास था, जब राज्य चोग्याल वंश द्वारा शासित एक छोटा राज्य था। इस साल अप्रैल में, सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री और सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) के अध्यक्ष पवन चामलिंग ने मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर राज्य-आधारित व्यापारियों की बाजार हिस्सेदारी में भारी वृद्धि के बारे में चेतावनी दी थी।