अरुणाचल प्रदेश में लोंगडिंग जिले के कुन्सा गांव के लोगों ने सुरक्षा बलों के साथ एकजुटता दिखाते हुए नागा उग्रवादी समूह एनएससीएन (के-वाईए) के खिलाफ कुनसा में असम राइफल्स चौकी पर गोलीबारी करने के विरोध में प्रदर्शन किया। 

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एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि एनएससीएल (के-वाईए) के विद्रोहियों द्वारा घुसपैठ करने और कुंसा में असम राइफल्स पोस्ट की ओर आग लगाने के असफल प्रयास के एक दिन बाद कुनसा गांव के ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने हाथों में तख्तियां लेकर इस ताजा गोलीबारी की घटना की निंदा करते हुए आतंकी समूह के खिलाफ नारे लगाए और क्षेत्र में शांति बहाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। ग्रामीणों ने इस घटना के लिए एनएससीएन के स्वयंभू मेजर जनरल प्योंग कोन्याक का पुतला फूंका। 

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बता दें कि एनएससीएन का यह गुट 1980 के दशक से सुरक्षा बलों पर हमले, जबरन धन वसूली और लूटपाट जैसी विध्वंसक गतिविधियों में लिप्त रहा है। मणिपुर में चार जून 2015 को घात लगा कर किए गए हमले में NSCN (K) का हाथ था। इस हमले में सेना के 18 जवान मारे गए थे। इस घटना के बाद भारतीय सेना ने सीमा पार जा कर म्यांमार के अंदर स्थित एनएससीएन-के के शिविरों पर हमला किया जिसमें कई उग्रवादी मारे गए थे। इस गुट ने सेना के काफिले पर घात लगा कर हमला तब किया था जब वह केंद्र सरकार के एक वार्ताकार के साथ शांति वार्ता कर रहा था। इसके बाद सरकार ने बातचीत बंद कर दी और सितंबर 2015 में एनएससीएन-के को पांच साल के लिए प्रतिबंधित संगठन घोषित कर दिया।