त्रिपुरा की एक स्थानीय अदालत ने पत्नी की हत्या के जुर्म में एक अधेड़ पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनायी है। पश्चिम त्रिपुरा जिले के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी रतन देवनाथ को अप्रैल 2021 में पत्नी की हत्या करने के मामले में सजा सुनाई। न्यायालय से आरोपी को दोषी करार देने और आजीवन कारावास की सजा देने की प्रति आज मिली है।

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सरकारी वकील बिस्वजीत देब ने कहा कि अदालत में 26 गवाहों को पेश किया था तथा गवाही और परिस्थितिजन्य साक्ष्य के आधार पर देवनाथ को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (आदेश) के तहत आजीवन कारावास और 324 के तहत दोषी करार देते हुए दो साल की कैद की सजा सुनाई थी।

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पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि पश्चिम जिले के तुलाकोना गांव निवासी दोषी रतन देवनाथ ने पत्नी प्रतिमा देवनाथ और उसकी बहू को पड़ोस के घर में नहाने जाने का विरोध किया था, लेकिन उन्होंने पति की बातों को अनदेखी किया। नहाने के बाद बहू दूसरे कमरे में चली गई, जबकि आरोपी ने प्रतिमा पर कुल्हाड़ी से कई बार हमला किया। प्रतिमा के चीखने की आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे और उसे खून से लथपथ पाया। इस बीच रतन मौका पाकर वहां से फरार हो गया था। प्रतिमा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। इस बीच, रतन को उसके छोटे भाई ने कुल्हाड़ी साफ करते देखा और उसे पकड़ लिया गया। रतन ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। बाद में उसे पुलिस को सौंप दिया गया।