अगरतला। त्रिपुरा में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने राज्य के चार विधानसभा सीटों पर होने वाले आगामी उपचुनाव में हिंसा और मतदान प्रक्रिया में व्यवधान की आशंका जताते हुए शत-प्रतिशत मतदान केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया की वेबकास्टिंग की मांग की है। इससे पहले, भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने कहा था कि 50 प्रतिशत मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग होगी तथा मतगणना संपन्न होने तक सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। 

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पार्टी के राज्य सचिव जितेंद्र चौधरी ने मीडिया को बताया कि शुक्रवार को सर्वदलीय बैठक में भाग लेने वाले माकपा प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों में राज्य के लोगों को सत्ताधारी दल और अधिकारियों सहित पुलिस के एक वर्ग द्वारा शरारती तत्वों द्वारा लोकतंत्र की हत्या का पूरा प्रयास किया गया है। चौधरी ने कहा, 'हमने मुख्य चुनाव अधिकारी को याद दिलाया कि कैसे पिछले साल दिसंबर में शहरी स्थानीय निकाय चुनाव को एक हास्यास्पद घटना हुई थी, जहां उच्चतम न्यायालय को हस्तक्षेप करना पड़ा और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए राज्य पुलिस को कई निर्देश जारी किए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जब तक चुनाव आयोग शुरू से ही कड़े कदम नहीं उठाएगा, तब तक वैसा ही होता रहेगा।'

उन्होंने आरोप लगाया कि 2018 में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) और इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) के सत्ता में आने के बाद 2019 के आम चुनाव से लेकर ग्राम पंचायत चुनाव, स्वायत्त जिला परिषद चुनाव और शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव में हेराफेरी, धांधली, मतदाताओं को रोकना और बड़े पैमाने पर हिंसा की घटनाएं सामने आई, जो राज्य के चुनावी इतिहास में सबसे घृणित कृत्य है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में वर्तमान में कानून व्यवस्था की स्थिति स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए अनुकूल नहीं है। भाजपा के गुंडों ने एक ही दिन में अपनी पार्टी के नेताओं के साथ पुलिस की मौजूदगी में माकपा के प्रदेश कार्यालय सहित पार्टी के 43 दफ्तरों में तोडफ़ोड़ की और आग के हवाले किया था, लेकिन अभी तक एक भी आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है। 

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माकपा ने मतदान केंद्रों और ईवीएम के स्ट्रांग रूम तथा मतगणना केंद्र में मतदान के निर्धारित दिन से कम से कम एक सप्ताह पहले केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग की साथ ही सभी मतदान केंद्रों को वेबकाङ्क्षस्टग के दायरे में रखा जाना चाहिए और सुनिश्चित करें कि मतदान के समय सभी कैमरे सुचारु रूप से काम कर रहें।