गुवाहाटी में जिस होटल में शिवसेना के बागी ठहरे हुए हैं, उसके बाहर तृणमूल कांग्रेस ने आज व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। विरोध का नेतृत्व तृणमूल कांग्रेस के असम प्रमुख रिपुन बोरा ने किया। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को काबू में रखने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने असम की सत्तारूढ़ भाजपा पर महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे सरकार को गिराने के लिए अपने सभी संसाधनों का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।

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तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने राज्य में भारी बाढ़ से प्रभावित लोगों की पीड़ा को कम करने के लिए कुछ नहीं किया है। ब्रह्मपुत्र और बराक नदियों के बढ़ते पानी के कारण आई बाढ़ से 55 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। मई से अब तक बाढ़ में 89 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं एकनाथ शिंदे के समर्थकों का दावा है कि लगभग 40 विधायक दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता को जोखिम में डाले बिना पार्टी को विभाजित करने के लिए होटल में हैं।

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भाजपा ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि उसका संकट से कोई लेना-देना नहीं है और यह शिवसेना की आंतरिक समस्या है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि पार्टी शिवसेना के बागियों के अगले चरण के लिए पर्याप्त संख्या में इकट्ठा होने का इंतजार कर रही है, जिसे उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले गठबंधन को गिराने और नई सरकार स्थापित करने के लिए महाराष्ट्र में भाजपा के "ऑपरेशन लोटस" के रूप में देखा जा रहा है।