अगर दिल में सेवा और कर्तव्य का भाव हो तो कैसी भी परिस्थिति हो लोग पीछे नहीं हटते। ऐसी ही एक तस्वीर असम से आई है। जिसमें एक आशा कार्यकर्ता राज्य में आई बाढ़ के बावजूद अपने कर्तव्यों से पीछे नहीं हट रही हैं। आशा कार्यकर्ता अरुणा गोगोई गेलेके बीपीएचसी, शिवसागर जिले के तहत असम-नागालैंड सीमा पर अपनी ड्यूटी के लिए निकलीं हैं वो भी जेसीबी पर बैठकर। जी हां अरुणा गोगोई की इस तस्वीर को एनएचएम असम ने अपने ट्वीटर अकाउंट पर शेयर किया है।

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अपने ट्वीट पर एनएचएम असम ने लिखा, हमारी आशा कार्यकर्ता ओगुरिजान एससी की श्रीमती अरुणा गोगोई, गेलेके बीपीएचसी, शिवसागर जिले के तहत असम-नागालैंड सीमा पर अपनी ड्यूटी के लिए निकलीं। हम उनके कर्तव्य, उनके समर्पण को नमस्कार करते हैं। चाहे रोड रहे या ना रहे।

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बता दें कि असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी काबू से बाहर है। कछार जिले में दो और लखीमपुर-नगांव में एक व्यक्ति की मौत हुई। ऐसे में बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 14 लोगों की मौतें हो चुकी हैं। वहीं राज्य के 34 जिलों में से 29 में करीब 7.12 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। 29 प्रभावित जिलों के 2,251 गांवों में कुल 80036.90 हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित हुआ है। 74,705 से अधिक लोगों ने 234 राहत शिविरों में शरण ली है। 


बाढ़ से बारपेटा, विश्वनाथ, बोंगाईगांव, कछार, चराईदेव, दरांग, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, दीमा हसाओ, गोलपारा, गोलाघाट, हैलाकांडी, होजई, जोरहाट, कामरूप, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, कार्बी आंगलोंग पश्चिम, करीमगंज, कोकराझार, लखीमपुर, माजुली, मोरीगांव, नगांव, नलबाड़ी, सोनितपुर, दक्षिण सालमार, तिनसुकिया और उदलगुरी जिले प्रभावित हुए हैं।