दिसंबर 1942 को, इंपीरियल जापानी आर्मी एयर फोर्स  (IJAAF) के एक जापानी बमबारी ने कोलकता शहर के साथ ही देश को द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) ने हिला कर रखा दिया था। इस दिन जापानी लड़ाकू विमानों ने शहर में स्थित हावड़ा ब्रिज और बंदरगाह को तबाह कर दिया था।

बता दें कि पूर्वी भारतीय राज्य कलकत्ता जो उस समय वर्तमान में कोलकाता है, बर्मा और चीन के साथ निकटता के कारण सैन्य अभियानों के निष्पादन के लिए एक बहुत ही अभिन्न केंद्र था। मई 1942 में जापानियों ने चीनी और ब्रिटिश जमीनी सशस्त्र बलों को हराने के बाद बर्मा (Burma) पर आक्रमण किया था और तब जापानी सेनाओं को एहसास हुआ कि कलकत्ता हमला करने के लिए उनकी पहुंच के करीब था।
इसके साथ ही भवन से लेकर घरों से लेकर गलियों तक सभी इलाकों में शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया था। आक्रमण के अचानक खतरे से स्थिति में सुधार हुआ लेकिन 1942 के अंत में, जापानियों (Japanese) ने फिर से शहर को अपनी उपस्थिति के बारे में बताया, जिससे शहर दहल उठा था।
हालांकि जापानी हवाई जहाजों ने कलकत्ता (Calcutta) शहर में वर्ष 1944 तक बमबारी जारी रखी और इसके साथ ही सैकड़ों लोगों की जान चली गई। और अंत में, द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) अगले वर्ष संपन्न हुआ।