असम में स्थानीय भाषा माध्यम के स्कूलों में तीसरी कक्षा से ही गणित और विज्ञान विषयों की पढ़ाई अंग्रेजी में शुरू करने के फैसले की वजह से आलोचना का सामना कर रही राज्य सरकार ने कहा कि केवल इन विषयों की पाठ्यपुस्तकों की भाषा बदलेगी न कि स्कूलों की माध्यम भाषा। 

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कांग्रेस विधायक कमलाख्य डे पुरकायस्थ द्वारा विधानसभा में शुरू की गयी चर्चा का जवाब देते हुए शिक्षामंत्री रानोज पेगु ने कहा कि सरकार की स्थानीय माध्यम के स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम में तब्दील करने की कोई योजना नहीं है।

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उन्होंने कहा, हम तीसरी कक्षा से ही गणित और विज्ञान विषय की किताबों की भाषा बदल रहे हैं। किताबों की भाषा बदलने को स्कूलों का माध्यम बदलने से परिभाषित नहीं किया जा सकता। कृपया इस बारे में भ्रमित नहीं हों। यहां तक राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भी (स्थानीय भाषा) इस पर जोर दिया गया है। पेगु ने कहा कि शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच संवाद करने की भाषा ‘‘वास्तव में स्कूलों का माध्यम’’ होता है और सरकारी संस्थानों में यह हमेशा मातृभाषा रहेगा।