कोहिमा। नगा राजनीतिक मुद्दे (एनपीआई) पर नगालैंड सरकार की कोर समिति ने NSCN (IM) से केंद्र के साथ वार्ता जारी रखने की अपील की है। सत्तारूढ़ यूनाइटेड डेमोक्रेटिक अलायंस (यूडीए) के अध्यक्ष टीआर जेलियांग ने कहा कि मुख्यमंत्री नीफियू रियो की अध्यक्षता वाली कोर समिति ने शनिवार को एनएससीएन (आईएम) के साथ मैराथन बैठक के दौरान यह अपील की है।

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अप्रैल में केंद्र सरकार के वार्ताकार एके मिश्रा के नगालैंड दौरे के बाद एनएससीएन (आईएम) के कुछ नेता नयी दिल्ली पहुंचे थे और वे पिछले सप्ताह कोहिमा लौट आए। जेलियांग के मुताबिक, वापसी के बाद NSCN (IM) नेता कह रहे हैं कि वे केंद्र सरकार के साथ आगे कोई बातचीत नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि कोर समिति ने एनएससीएन (आईएम) से बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया है, क्योंकि इसके जरिये ही किसी समझौते पर पहुंचा जा सकता है। 

जोलियांग के अनुसार, कोर समिति एनएससीएन (आईएम) से हुई चर्चा की जानकारी केंद्र सरकार को देगी। राज्य सरकार के प्रवक्ता नीबा क्रोनू ने कहा कि यह बैठक नगा मुद्दे के जल्द समाधान के लिए एनएससीएन (आईएम) के साथ बेहतर समझ विकसित करने के लिए हुई थी। उन्होंने बताया कि करीब चार घंटे तक चली बैठक में विभिन्न आपत्तियों पर विचार-विमर्श किया गया।

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क्रोनू के मुताबिक, बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि एनएससीएन (आईएम) की नगाओं के लिए अलग झंडा और अलग संविधान की मांग पर और चर्चा किए जाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि बैठक में असम के मुख्यमंत्री और नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (एनईडीए) के संयोजक हिमंत बिस्व सरमा के समर्थन की जरूरत पर भी चर्चा की गई। क्रोनू ने कहा, “बेहतर होगा अगर कोई केंद्र और नगा समुदाय, दोनों पक्षों की तरफ से बोल सके।” यह पूछे जाने पर कि क्या एनएससीएन (आईएम) सरमा को इस प्रक्रिया में शामिल करने को राजी हो गया है, क्रोनू ने कहा कि उसे कोई समस्या नहीं है।