म्यांमार में पिछले साल सैन्य तख्तापलट होने के बाद अपने परिजन के साथ मिजोरम में शरण लेने वाले छह हजार से अधिक बच्चों ने राज्य के विभिन्न स्कूलों में दाखिला लिया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. एच. लालथलंगलियाना ने कहा कि म्यांमार के बच्चों को मिजोरम के स्कूलों में प्रवेश लेने से रोकने के लिए कोई ठोस कानून नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे 6,195 बच्चों में से 5,221 ने सरकारी स्कूलों में, 184 सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों में और 790 निजी स्कूलों में दाखिला लिया है।

ये भी पढ़ेंः मिजोरम के हेल्थकेयर सेक्टर में सुधार के लिए किया जाएगा फंड का इस्तेमाल: जोरमथंगा


लालथलांगलियाना ने कहा कि म्यांमार के बच्चों को भाषा की किसी भी बाधा का सामना नहीं करना पड़ता क्योंकि उनमें से ज्यादातर चिन समुदाय से हैं। उनका वंश और संस्कृति मिजोरम के मिजो समुदाय के समान है और वे मिजो भाषा भी बोलते हैं। अधिकारी ने कहा कि कुछ मामलों में माता-पिता ने अपने बच्चों के लिए शिक्षकों को काम पर रखा है।

ये भी पढ़ेंः मिजोरम के राज्यपाल ने आइजोल में 'कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र' का दौरा किया


लालथलांगलियाना ने यह भी कहा कि म्यांमार के नागरिकों के 68 बच्चों ने 2021-22 शैक्षणिक सत्र के दौरान मिजोरम स्कूल शिक्षा बोर्ड के तहत 10वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा के लिए नामांकन किया। उनमें से 31 परीक्षा में बैठे और तीन को छोड़कर सभी ने परीक्षा पास कर ली।