पिछले साल अगस्त में पूर्व हाइनीवट्रेप नेशनल लिबरेशन काउंसिल (HNLC) के नेता चेरिश स्टारफील्ड थांगख्यू की कथित रूप से गोली मारने की घटना की जांच के लिए बनी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कोनराड संगमा को सौंप दी है। मेघालय मानवाधिकार आयोग (एमएचआरसी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति टी वैफेई को आयोग का प्रमुख चुना गया था।

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पत्रकारों को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति वैफेई ने आयोग के निष्कर्षों का ब्योरा देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि 20 सुनवाई के बाद रिपोर्ट को पूरा करने में छह महीने का समय लगा। इससे पहले रिपोर्ट जमा करने की समय सीमा समाप्त होने के बाद आयोग को तीन महीने का विस्तार दिया गया था। आयोग ने कम से कम 12 गवाहों से पूछताछ की। उन्होंने कहा कि मैंने पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सा अधिकारी और चार पुलिस अधिकारियों सहित पांच गवाहों से पूछताछ की है। पीड़ित के परिवार से मैंने पांच गवाहों से बात की। 

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एमएचआरसी के अध्यक्ष ने कहा कि वे सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट से संतुष्ट हैं। राज्य सरकार ने पिछले साल 13 अगस्त 2021 को हुई मुठभेड़ के बाद कानून और व्यवस्था में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के बाद जांच आयोग की शुरुआत की गई थी। मृतक के परिजनों और रिश्तेदारों ने आरोप लगाया था कि यह एक फर्जी मुठभेड़ थी और उन्होंने निष्पक्ष जांच और 'कथित' मुठभेड़ में शामिल पुलिस अधिकारियों को निलंबित करने की मांग की थी।