मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन ने शिकायतों और भ्रष्टाचार से संबंधित मुद्दों को उठाने के वास्ते राज्यवासियों के लिए एक ‘वेब पोर्टल’ शुरू किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस मंच का नाम ‘‘मुख्यमंत्री को बताएं’’ है, जिस पर तीन फोन नंबर भी उपलब्ध हैं।

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बीरेन ने एक पोस्ट में कहा, इससे लोगों की समस्याओं का निपटारा जल्द किया जा सकेगा और लोगों को भ्रष्टाचार संबंधी मुद्दे उठाने के लिए भी मंच मिलेगा। उन्होंने कहा, यह हमें शासन और सार्वजनिक सेवाओं में पारदर्शिता लाने व जवाबदेही तय करने में सक्षम बनाएगा।

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गौरतलब है कि इससे पहले मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन के समक्ष 13 उग्रवादियों ने आत्म समर्पण किया था। उग्रवादियों ने प्रथम मणिपुर राइफल्स परिसर में हथियार डाले। उनमें से बारह प्रतिबंधित केसीपी (पीडब्ल्यूजी) के कैडर हैं और जबकि एक प्रतिबंधित संगठन केवाईकेएल का कैडर है। बीरेन ने इस मौके पर कहा, हम उन उग्रवादियों का स्वागत करते हैं, जिन्होंने क्रूरता का रास्ता छोड़ दिया है। अब राज्य के विकास के लिए काम करने का समय आ गया है। पांच साल के भीतर उग्रवाद की समस्या का समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मणिपुर में 1960 के दशक से उग्रवाद से संबंधित समस्या रहा है। पिछले पांच वर्षों में यहां उग्रवादियों की ओर से हमले कम हुए हैं। राज्य में कार्यरत केंद्र सरकार की एजेंसियों को उग्रवाद की समस्या का सकारात्मक तरीके से समाधान करना चाहिए।