मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने नागा नेता अबोनमाई हत्या मामले में न्याय का आश्वासन देते हुए सभी लोगों से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की। एन बीरेन सिंह ने लांगोल के तरुंग गांव में मणिपुर के आदिवासी नेता अथुआन अबोनमाई की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आश्वासन दिया कि इस हत्या मामले में न्याय किया जायेगा। मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही है और फिलहाल विस्तृत जानकारी नहीं दी जा सकती है।

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मुख्यमंत्री ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वह हिंसा बर्दाश्त नहीं करेंगे। अबोनमाई के नाम पर एक स्मारक पार्क स्थापित करने पर उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में आवश्यक कदम उठाएगी, हालांकि इसमें कुछ समय भी लग सकता है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत अबोनमाई को मणिपुर की एकता और जेलियांगरोंग लोगों के कल्याण में विश्वास रखने वाला एक मुखर नेता बताया और कहा कि अबोनमई उनके करीबी लोगों में थे। सिंह ने उनके परिवार और लोगों के प्रति दुख और संवेदना व्यक्त की और शोकग्रस्त परिवार की देखभाल तथा समर्थन करने के लिए पर्वतीय क्षेत्र समिति (एचएसी) के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आइए हम एक-दूसरे का सम्मान करें और एकजुट होकर रहें। पर्वतीय क्षेत्र समिति के अध्यक्ष डिंगंगलुंग गंगमेई ने कहा कि विचारों में भिन्नता या मतभेदों के कारण हिंसा और घृणा का रास्ता अपनाने से हमारे समाज और देश की प्रगति नहीं होगी। 

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उन्होंने कहा कि भारत जैसे विकसित लोकतंत्र में जहां विविधता में एकता की अवधारणा मौजूद है, वहां पर नफरत और हिंसा की राजनीति का कोई स्थान नहीं है। एचएसी के अध्यक्ष ने किसी प्रकार की हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि अपने हाथ में कानून लेने का अधिकार किसी को भी नहीं है। उन्होंने स्वर्गीय अथुआन अबोनमई के सम्मान में राज्य के लिए लोगों से सहयोग और समर्थन मांगा और कहा कि आइए हम अन्य समुदायों की पहचान बनाए रखते हुए सामाजिक सौहार्द के साथ सह-अस्तित्व में रहें। अबोनमाई एक प्रमुख राजनीतिक नेता थे, उन्होंने एनएससीएन (आईएम) का खुलकर विरोध किया था और हत्या से कुछ दिन पहले उन्होंने संगठन के खिलाफ बोला था। ठीक एक वर्ष पहले वह मुख्यमंत्री के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए तामेंगलांग गए थे लेकिन संदिग्ध नगा उग्रवादियों ने उनका अपहरण कर लिया और उन्हें गोली मार दी।