अगरतला: त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही राज्य में राजनीतिक दलों के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।  त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री और माकपा के दिग्गज माणिक सरकार ने रविवार को राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा पर तीखा हमला किया। माकपा के वरिष्ठ नेता माणिक सरकार ने भाजपा पर निशाना साधते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को धोखाधड़ी करार दिया।

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त्रिपुरा के पूर्व सीएम और सीपीआई-एम नेता माणिक सरकार ने कहा, विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा झूठ बोल रही है। जब वे खुद को मुश्किल में पाते हैं तो वे राज्य के बाहर से लोगों को लाते हैं। इसका सबसे अच्छा उदाहरण असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा हैं। 

सरकार ने कहा: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा एक धोखेबाज हैं। 2018 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव से पहले, उन्होंने सरकारी कर्मचारियों से झूठा वादा किया था कि पहली कैबिनेट बैठक के बाद राज्य में सातवें वेतन आयोग को लागू किया जाएगा।

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त्रिपुरा के पूर्व सीएम ने यह बयान रविवार को माकपा पार्टी की महिला शाखा के एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दिया। 

माणिक सरकार ने आगे कहा कि त्रिपुरा के सभी लोग जो मौजूदा बीजेपी सरकार से निराश हैं जरूरी नहीं कि राज्य में 2023 के विधानसभा चुनावों में सीपीआई-एम को वोट दें। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा के लोग राज्य में भाजपा-आईपीएफटी सरकार से हताश और नाराज हैं।

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माणिक सरकार ने कहा, लोग भाजपा से निराश और नाराज हैं। आईपीएफटी ने 2018 के बाद से त्रिपुरा के आदिवासी क्षेत्रों में अपनी पकड़ खो दी है।  

उन्होंने कहा, हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि सभी नाराज मतदाता 2023 के त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में माकपा के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे का समर्थन करेंगे।