भारत जलपुरुष के रूप में जाने वाले वाटरमैन राजेंद्र सिंह ने हाल ही में रेमन मैगसेसे पुरस्कार जीता है। पूर्वोत्तर राज्य असम के दौरे का दौरान जल संरक्षणवादी राजेंद्र सिंह ने कहा कि आने वाली पीढ़ी को ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन और अन्य खतरों से लड़ना चाहिए। उन्हें इन चुनौतियों का सामना करने और उनका मुकाबला करने की स्थिति में होना चाहिए। अभी सब खोया नहीं है।


जानकारी के लिए बता दें कि असम विश्वविद्यालय, सिलचर के 19वें दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए, भारत के वाटरमैन के रूप में लोकप्रिय सिंह ने कहा कि “यदि भारत को एक वैश्विक शिक्षक बनना है, तो भारतीय विश्वविद्यालयों को स्वदेशी ज्ञान प्रणाली और भारतीय ज्ञान को अपनाना होगा "।
उन्हें सभी विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम/शिक्षा कार्यक्रम में एकीकृत किया जाना चाहिए। पाठ्यक्रम को प्रकृति पोषण और मानव जाति के पोषण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। प्रौद्योगिकी, विज्ञान और इंजीनियरिंग बिखर गए हैं।

राजेंद्र सिंह ने हाल ही में फेसबुक पोस्ट किया है कि आज ही तरुण भारत संघ द्वारा आयोजित #Accelerator Program का हिस्सा बनें और हमारे समर्थन से अपने NGO के MIS व Social Media को  एक व्यवस्थित रूपरेखा में लाएं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत, कुल 4 NGO को पूर्ण रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा व  सहायता दी जाएगी ताकि वे इस डिजिटल युग में कदम से कदम मिलाकर चल सके और लाखों लोगों तक पहुंच सकें।
अधिक जानकारी हेतु दिए गए लिंक पर जाएँ https://bit.ly/38D6p1h
Welthungerhilfe