अरुणाचल प्रदेश के वन्यजीवों के संरक्षण के प्रयास में लोअर दिबांग घाटी जिले के निवासियों ने 76 एयर गनों को सरेंडर कर दिया। राज्य सरकार ने इस पहाड़ी राज्य में 17 मार्च, 2020 को एयर गन सरेंडर अभियान चलाया था, जिसका उद्देश्य शिकार को रोकना और वन्यजीवों की हत्या के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता पैदा करना था। इससे पहले करीब 2 हजार एयरगन का सरेंडर हो चुका है। 

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कार्यक्रम में मौजूद पर्यावरण और वन मंत्री मामा नटुंग ने जिले के निवासियों की भारी संख्या में एयर गन देने के लिए सराहना करते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोगों को आगे आना चाहिए और अभियान में भाग लेना चाहिए। गौरतलब है कि निचली दिबांग घाटी के एक पुइन्यो अपुम ने स्वेच्छा से 3.5 लाख रुपये की अपनी एफएक्स इम्पैक्ट एम3 एयर राइफल वन विभाग को सौंप दी थी। यह अभियान के तहत किसी भी व्यक्ति द्वारा स्वेच्छा से आत्मसमर्पण की जाने वाली सबसे महंगी बंदूक है।

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वन मंत्री ने कहा कि अब जानवरों की हत्या और जंगल के विनाश को रोकने की जरूरत है। वन्य जीवन और पर्यावरण के महत्व पर जागरूकता पैदा करने के लिए ग्राम स्तर के जन नेताओं को स्वेच्छा से आगे आना चाहिए। मुझे खुशी है कि हर क्षेत्र के लोग अब इसमें शामिल हो रहे हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि राज्य में लगभग 550 पक्षी प्रजातियों की खोज की गई है, जिन्हें विलुप्त होने से पहले संरक्षित करने की आवश्यकता है। रोइंग विधायक मुत्चू मीठी ने कहा कि लोगों को यह नहीं भूलना चाहिए कि वन्यजीवों की सुरक्षा अरुणाचल प्रदेश की कई जनजातियों की सदियों पुरानी परंपरा है, खासकर इडु मिश्मी की।