असम में बाढ़ की स्थिति में काफी सुधार हुआ और अधिकांश नदियों में पानी कम हो गया, जबकि राज्य के दस जिलों में बाढ़ से पांच लाख से अधिक लोग पीड़ित हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) के अनुसार पिछले 24 घंटों में बाढ़ और भूस्खलन के कारण मरने वालों की संख्या 30 पर बनी हुई है। मोरीगांव जिले की कोपिली एकमात्र नदी है जो खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

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कछार, दीमा हसाओ, गोलपारा, गोलाघाट, हैलाकांडी, होजई, कामरूप, कामरूप (मेट्रो), मोरीगांव और नागांव जिलों में बाढ़ के कारण कम से कम 5,00,852 लोग प्रभावित हैं। 3.11 लाख से अधिक लोगों के साथ नागांव सबसे अधिक प्रभावित है, इसके बाद कछार में लगभग 1.47 लाख लोग और मोरीगांव में 41,036 से अधिक लोग प्रभावित हैं। एएसडीएमए ने कहा कि 62,289 से अधिक लोगों ने 201 राहत शिविरों में शरण ली है, जिनमें से सबसे अधिक 47,749 लोग कछार में हैं।

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एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल (IMCT) ने नुकसान का आकलन करने के लिए दिन के दौरान कछार और दरांग जिलों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। अभी 799 गांव पानी में डूबे हुए हैं और 35,384.12 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है. धुबरी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, नलबाड़ी, शिवसागर, दक्षिण सलमारा, तिनसुकिया और उदलगुरी जिलों से बड़े पैमाने पर कटाव की सूचना मिली है। एएसडीएमए ने कहा कि कछार, उदलगुरी, धुबरी, करीमगंज, नगांव, नलबाड़ी, दीमा हसाओ, गोलपारा और होजई में बाढ़ के पानी से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।