असम के शिवसागर जिले के बोगीडोल इलाके में अत्यधिक गरीबी से तंग आकर एक 36 वर्षीय व्यक्ति ने अपने 2 नाबालिग बच्चों समेत जहर खाकर आत्महत्या कर ली। हालाँकि पता चलने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन व्यक्ति और उसके छोटे बेटे को मृत घोषित कर दिया, जबकि उसके बड़े बेटे की हालत गंभीर बताई जा रही है। हालांकि सभी पीड़ितों को शिवसागर सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने पिता मृदुल हांडिक और छोटे बेटे पिंटू हांडिक (6) को मृत घोषित कर दिया। बड़े बच्चे, 10 वर्षीय मिंटू हांडिक को गंभीर हालत में असम मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एएमसीएच), डिब्रूगढ़ रेफर कर दिया गया। फिलहाल उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

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स्थानीय लोगों के मुताबिक बुधवार की शाम मृदुल को अपने दोनों बेटों के साथ बाजार की ओर जाते देखा गया। इसके बाद कुछ ग्रामीणों ने उसी रात गांव के धान के खेत में तीनों को बेहोश पड़ा पाया। ग्रामीणों ने तुरंत जॉयसागर पुलिस को सूचित किया, जिन्होंने उन्हें अस्पताल पहुंचाया। बाद में पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला जिसे कथित तौर पर मृदुल ने लिखा था, जिसमें चरम कदम के पीछे 'अत्यधिक गरीबी' को कारण बताया गया था। मृतक ने सुसाइड नोट में यह भी उल्लेख किया है कि उसकी पत्नी, जो उसकी आर्थिक स्थिति के कारण अपने माता-पिता के साथ रह रही थी, उसने घर लौटने से इनकार किया और बच्चों को अपने साथ ले जाने की धमकी भी दी।

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जॉयसागर पुलिस चौकी प्रभारी मनुरंजन राजखोवा ने कहा की हमें ग्राम प्रधान द्वारा सूचित किया गया था कि बोगिडोल में धान के एक खेत में तीन लोग बेहोश पड़े थे। मौके पर पहुंचकर हम तीनों को तुरंत सिविल अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने 2 को मृत घोषित कर दिया। हमें उनके पास कीटनाशक की बोतलें मिलीं। जांच के दौरान, यह पाया गया कि उनका पारिवारिक विवाद था। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि मृदुल करीब एक महीने पहले आत्महत्या के प्रयास में बाल-बाल बच गया था।